कांवड़ियों के लिए नेपाल की महिला ने बिछवाया कारपेट
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सावन मास के पावन अवसर पर जब कांवड़ियों की भीड़ अजगैबीनाथ धाम सुल्तानगंज से बाबाधाम की ओर बढ़ रही है, तब जनसेवा और श्रद्धा का एक अद्भुत उदाहरण सामने आया है। नेपाल से आई शिवभक्त सुनीता यादव ने अपने बेटे और बेटी के अमेरिका में डॉक्टर बनने की खुशी में, कांवड़िया पथ पर करीब 1.25 किलोमीटर लंबा कारपेट बिछवाया है, जिससे हजारों कांवड़ियों को तपती सड़क और धूप से राहत मिली।
बच्चों की सफलता, मां की श्रद्धा और जनसेवा का मेल
नेपाल की निवासी सुनीता यादव पेशे से नर्स हैं और भगवान शिव में गहरी आस्था रखती हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार हर साल श्रावण में सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर बाबाधाम में जलाभिषेक करता है। इस साल की सावन यात्रा उनके लिए खास है क्योंकि उनके पुत्र डॉ. प्रशांत यादव और पुत्री डॉ. सुष्मिता यादव अमेरिका के हॉकिंग जोन्स में डॉक्टर (एमडी) बन गए हैं। इस सफलता को ईश्वर की कृपा मानते हुए सुनीता यादव ने कांवड़ियों के लिए सेवा का संकल्प लिया। उसे साकार रूप देते हुए सुल्तानगंज के मुख्य चौक से रेलवे ओवरब्रिज तक कारपेट बिछवाया।
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कांवड़ियों को राहत, श्रद्धालुओं ने जताया आभार
सावन की तपती धूप में जब हजारों कांवड़िये नंगे पांव कांवड़ यात्रा कर रहे हैं, तब यह कारपेट उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं। कांवड़ियों ने इस सेवा भावना को हृदय से सराहा और मौके पर ही सुनीता यादव को धन्यवाद व आशीर्वाद दिया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि अन्य लोग भी इस तरह की सेवा करें, तो कांवड़ यात्रा और अधिक सुगम और सहज हो सकती है।
‘आस्था से उपजा सेवा का संकल्प’
सुनीता यादव ने बताया कि उन्होंने भगवान शिव से यह संकल्प लिया था कि यदि उनके दोनों बच्चे डॉक्टर बन जाएंगे, तो वह शिवभक्तों की सेवा में कुछ योगदान अवश्य देंगी। उनका यह संकल्प अब पूर्ति के रूप में एक प्रेरणादायक पहल बनकर सामने आया है।
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