बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के तहत एक फरवरी को भागलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब 1200 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्धस्तर पर की गईं थी।
उम्मीद जताई जा रही थी कि मुख्यमंत्री अपने दौरे के दौरान गोराडीह में अंतरराज्यीय बस अड्डे और मोहनपुर में औद्योगिक पार्क का तोहफा देंगे। इसके अलावा, वे शीतला स्थान के निकट निर्माणाधीन भोलानाथ फ्लाईओवर से डिक्सन रोड और इशाकचक के शिवपुरी मोहल्ले को जोड़ने की योजना पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा करेंगे। संभावना है कि वे बांका और आरओबी तक एक और फ्लाईओवर के निर्माण की घोषणा भी कर सकते हैं।
भागलपुर के लोगों की बड़ी अपेक्षाएं
नीतीश कुमार की यात्रा को लेकर भागलपुर के लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। यहां के नागरिकों की लंबे समय से मांग है कि मुख्यमंत्री हवाई सेवा शुरू करने, अंगिका भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कहलगांव में विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के निर्माण में तेजी लाने और बटेश्वर स्थान को शिव सर्किट से जोड़ने की घोषणा करें।
भागलपुर से हवाई सेवा शुरू करने की मांग फिर तेज
भागलपुर सिल्क नगरी होने के बावजूद अब तक हवाई सेवा शुरू नहीं हो पाई है। 1969-71 में कलिंगा एयरवेज की 36-सीटर सेवा यहां से संचालित होती थी, लेकिन उसके बाद से भागलपुर को हवाई संपर्क से वंचित रखा गया।
ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में महासचिव पुनीत चौधरी ने कहा कि हवाई सेवा न होने से भागलपुर का सिल्क उद्योग चौपट हो गया है। 2022 में हवाई सेवा संघर्ष समिति के बैनर तले शहर के नागरिकों ने 33 दिनों तक आंदोलन किया था। इसके बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने सांसदों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को सकारात्मक आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
भागलपुर के डीएम नवल किशोर चौधरी ने सुल्तानगंज और गोराडीह में हवाई अड्डे के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को भेजा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) द्वारा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
अंगिका भाषा को मिले संवैधानिक मान्यता
भागलपुर और इसके आसपास के क्षेत्र अंग प्रदेश का हिस्सा हैं और अंगिका भाषा यहां की संस्कृति की आत्मा मानी जाती है। लेकिन NCERT की प्रवेशिका में इसे मैथिली भाषा के रूप में दर्शाया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष है।
कृष्ण कलायन केंद्र की निदेशक श्वेता सुमन ने कहा कि अंगिका भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाना चाहिए। साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन ने भी इसे एक स्वतंत्र भाषा के रूप में मान्यता दी थी। इस भाषा की प्राचीन पांडुलिपियां पटना संग्रहालय में संरक्षित हैं।
विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के शीघ्र निर्माण की मांग
कहलगांव स्थित अतीचक के पास प्रस्तावित विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए 208 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है। राज्य सरकार को इसकी रिपोर्ट भी सौंपी जा चुकी है और भूमि अधिग्रहण के लिए रैयतों को 88 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। हाल ही में भागलपुर आए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले तीन महीनों में भूमि अधिग्रहण और DPR तैयार कर ली जाएगी। अप्रैल-मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद विश्वविद्यालय की आधारशिला रख सकते हैं। विक्रमशिला नागरिक विकास समिति के संयोजक डॉ. एन.के. जायसवाल ने कहा कि नालंदा की तर्ज पर विक्रमशिला के गौरव को पुनः स्थापित करना आवश्यक है।
क्या भागलपुर को मिलेगी सौगात?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस यात्रा को लेकर भागलपुरवासियों में उम्मीद और उत्साह दोनों हैं। अब देखना यह है कि वे हवाई सेवा, अंगिका भाषा, विक्रमशिला विश्वविद्यालय और अन्य विकास योजनाओं को लेकर कौन-सी घोषणाएं करते हैं। क्या भागलपुर को इस बार अपनी बहुप्रतीक्षित मांगों पर कोई ठोस आश्वासन मिलेगा या यह सिर्फ एक औपचारिक दौरा बनकर रह जाएगा? इसका जवाब एक फरवरी को मिलेगा।
हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान कहा कि भागलपुर जिले में सब तरह के काम करा दिए हैं, कुछ नए काम और कराए जाएंगे। इनमें निम्न शामिल हैं:-
1. भागलपुर नगर निगम अंतर्गत बौंसी रेलवे लाईन पर आर०ओ०बी० का निर्माण कराया जाएगा।
2. भागलपुर में नए अंतर्राज्यीय बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
3. नवगछिया अनुमंडल में स्पोर्टस काम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण में सुविधा होगी तथा स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा।
4. भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलज एवं अस्पताल में कैंसर के इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी विभाग की सुविधा विकसित की जाएगी।
5. नाथनगर प्रखंड में चम्पा नदी के अप-स्ट्रीम में गोड़ियारी नदी पर चेक-डैम का निर्माण कराया जाएगा।
6. सुल्तानगंज में जहाज घाट के निकट रेलवे की 17 एकड़ भूमि को केंद्र सरकार से लेने का अनुरोध किया जाएगा, जिसे बाद में पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
7. गोराडीह प्रखंड में उपलब्ध सरकारी भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा। इससे उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
8. भागलपुर में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। इससे औद्योगिक विकास एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
9. भागलपुर में वर्तमान हवाई अड्डे पर छोटे विमानों के संचालन हेतु उड़ान योजना में इसे सम्मिलित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।
10. भागलपुर जिले के सात प्रखंडों क्रमशः पीरपैंती, विहपुर, शाहकुण्ड, कहलगांव, सबौर, नवगछिया और सन्हौला में नए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन तथा चार प्रखंडों क्रमशः गौराडीह, नाथनगर, नारायणपुर और इस्माईलपुर में सभी कार्यालय भवनों के साथ-साथ आवसीय परिसर का भी निर्माण कराया जाएगा।