इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पहली पत्नी की मां मंगलवार को अलीगंज स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज कराने के लिए पहुंची थी। उसके बाद उसने आरोपी दामाद को देखा। सास ने उसका पीछा किया तो वह एक अपार्टमेंट में चला गया। जहां पर आरोपी दामाद ने अपार्टमेंट के दरवाजे को अंदर से लॉक कर दिया। उसके बाद सास ने अपनी बेटी सहित परिजनों को इसकी जानकारी दी। वहीं, पहली पत्नी सहित परिजनों ने दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। उसके बाद परिजनों ने इसकी जानकारी डायल 112 को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अपार्टमेंट में घंटों आरोपी पति की तलाश की। जहां चौथे तल के एक कमरे से आरोपी पति समेत दूसरी पत्नी मिले।
मीडिया को जानकारी देती आरोपी की पहली पत्नी की मां
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जानकारी के अनुसार, पहली पत्नी द्वारा आरोपी पति पर कोर्ट में दहेज प्रताड़ना का केस भी किया गया है, जिसको लेकर वह फरार चल रहा था। पुलिस द्वारा कई बार आरोपी पति के घर पर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की गई थी। फिलहाल पुलिस आरोपी पति को अपनी हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
वहीं, मामले को लेकर आरोपी की पहली पत्नी माला देवी ने बताया कि दहेज को लेकर मेरा पति प्रताड़ित करता था। मेरी शादी हिंदू रीति-रिवाज से वर्ष 2008 में हुई थी। शादी के बाद तीन बच्चे भी हुए। उसके बाद लगातार मेरे पति दहेज के रूप में पैसे की डिमांड करने लगे। मेरा परिवार पैसा देने में असमर्थ था। दहेज का विरोध करने पर मारपीट करता था। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2019 में मेरे पति ने जहर खिलाकर मुझे मरने की भी कोशिश की। इसके बाद आरोपी पति के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाया। न्यायालय की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, जिसके बाद से मेरा पति छिप कर रहने लगा। वह मेरे साथ पिछले छह सालों से नहीं रह रहा था।