पिछले साल टॉपर घोटाले का पर्दा फाश होने को बाद इस बार नकल से बचने के लिए 12वीं की परिक्षाओं से पहले बिहार सेकेंड्री एजूकेशन बोर्ड (BSBE) ने कुछ अहम फैसले लिये है, जिनके अनुसार उत्तर पुस्तिका में बार कोडिंग इस्तेमाल की जाएगी और माना जा रहा है कि किसी भी सेंटर पर नकल की शिकायत दर्ज कराने के लिए व्हाट्ऐप पर एक ग्रुप भी बनाया जाएगा।
बीएसबीई के चेयरमैन आनंद किशोर ने वीडियों कॉनफ्रेंसिंग से जिला अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सभी को सचेत किया है कि 12वीं की बोर्ड परिक्षाओ में नकल का कोई मामले सामने नही आना चाहिए। बीएसबीई के अनुसार मीटिंग में बीएसबीई के सेक्रेटरी अनुप कुमार सिन्हा, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन यूके चौबे और अन्य सभी ने मिलकर ये उत्तर पुस्तिका में बार कोडिंग इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।
बता दें कि बिहार में 12वीं की बोर्ड परिक्षाएं 14 फरवरी शुरु होकर 25 फरवरी को खत्म होनी है। एक अधिकारी के अनुसार बिहार में मैट्रिक परीक्षा और 12वीं की कम्पार्टमेंट परीक्षा में सफल प्रयास के बाद 2017 में होने वाली बारहवीं की बोर्ड परिक्षा में इस बार उत्तर पुस्तिका में बार कोडिंग इस्तेमाल करने की पहल की जाएगी।
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बीएसईबी अध्यक्ष ने कहा कि बार कोडिंग एक मुख्य गोपनीयता अधिकारी, उप प्रमुख गोपनीयता अधिकारी और गोपनीयता अधिकारी की देखरेख में एक एजेंसी के द्वारा किया जाएगा। किशोर मे ये भी बताया कि बार कोडिंग जिले के एक अधिकारी के तहत निर्वाचन कार्य की तर्ज पर किया जाएगा और अधिकारी जरूरत के अनुसार परीक्षा केंद्र के आस पास के क्षेत्रों की वीडियोग्राफी के लिए जा सकते हैं।
बैठक में पुलिस, डीआईजी, डीएम महानिरीक्षक, पुलिस, जिला शिक्षा अधिकारी और गोपनीयता अधिकारियों, बीएसईबी को अधिकारियों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए WhatsApp ग्रुप बनाने का फैसला किया है। किशोर ने कहा WhatsApp समूह एक तेज तरीके से धोखाधड़ी से मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जानकारी का आदान-प्रदान कर सकता है।
इसके अलावा, एक कंट्रोल रूम राज्य के साथ साथ परीक्षा के संबंध में बीएसईबी से चल रहा होगा।