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Baba Bageshwar : दरबार में 5 दिन तक करते रहे इंतजार; न पर्ची निकली, न सामूहिक अर्जी लग पाई, कथा सुनकर लौटे

सार

Dhirendra Shastri : बागेश्वर वाले बाबा का पटना में हनुमंत कथा वाचन बुधवार को समाप्त हो गया। कई श्रद्धालुओं पर बाबा के आशीर्वाद की बारिश भी हुई लेकिन कईयों को न तो बाबा के दर्शन हुए और ना ही उनकी अर्जी लग पाई।
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सुपौल की गौरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागेश्वर वाले बाबा धीरेन्द्र शास्त्री का पटना में हनुमंत कथा का कार्यक्रम आज समाप्त हो गया। इस बीच बाबा के हनुमंत कथा सुनने और अपनी अर्जी लगवाने वाले के लिए न सिर्फ पटना बल्कि पूरे बिहार और बिहार के बाहर के लोग यहां पहुंचे। इस दौरान 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ बाबा के दरबार में जुटी। कई श्रद्धालुओं पर बाबा के आशीर्वाद की बारिश भी हुई लेकिन वहीं कुछ ऐसे भी अर्जी लगाने वाले श्रद्धालु थे। वह अपनी जटिल समस्याओं को लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे थे लेकिन उन्हें न तो बाबा के दर्शन हुए और ना ही उनके दरबार में अर्जी लग पाई।

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100 मीटर की दूरी पर रहते हुए भी नहीं मिल पाया बाबा का आशीर्वाद
अमर उजाला ने कुछ ऐसे लोगों से बात की जिन्होंने अपना दर्द बयां किया। सुपौल जिले के प्रतापगंज निवासी किशोर यादव की पुत्री गौरी कुमारी का कहना है कि उन्हें विगत 6 महीने से स्पाइनल की समस्या है। वह अपनी मां और छोटे भाई के साथ सोमवार को बाबा के दर्शन करने के लिए आई थी। उसकी स्थिति ऐसी है कि वह अपनी मर्जी से हिल भी नहीं सकती। वे लोग किसी तरह शिविर में प्रवेश तो कर गए लेकिन बाबा से 100 मीटर की दूरी पर रहते हुए भी उन्हें बाबा का आशीर्वाद नहीं मिल पाया। गौरी वहीँ लेटकर हाथ जोड़  बाबा को स्मरण करती रही लेकिन भौतिक दुरी इतना कम होते हुए भी वह नजदीकी नहीं बन सकी जिस चाहत को लेकर वेलोग यहां आये थे। गौरी की मां और भाई का कहना है कि सोमवार को आने के बाद उसी समय हमने अर्जी लगाई थी लेकिन अब बैरन वापस लौट रही हूं।

संतान की चाहत में पहुंची बाबा के पास - फोटो : अमर उजाला
संतान की चाहत में आई थी
पाली निवासी बबलू सिंह की पत्नी सरिता देवी का कहना है कि हमारी कोई संतान नहीं है। शादी के कई साल गुजर गए लेकिन अब तक हमारी कोई संतान नहीं हुई। इसलिए मैं यहां आई थी ताकि बाबा के दर्शन कर मुझे उनका आशीर्वाद मिल सके और मैं मां बन सकूं मैं लेकिन न तो बाबा के दर्शन हुए, न अर्जी लग पाई।
 

पति रहते हैं बीमार - फोटो : अमर उजाला
पति रहते हैं बीमार
छपरा की शैल देवी का कहना है कि उनके पति हमेशा बीमार ही रहते हैं। वह बाबा से मिलकर अपने पति को स्वस्थ होने का आशीर्वाद मांगने आई थी। उनका कहना है कि हमने यह सोचा था कि बाबा ऐसा कुछ करने के लिए कहेंगे जिससे मेरे पति ठीक हो जायेंगे लेकिन न तो बाबा के दर्शन हुए और न उनका आशीर्वाद मिल पाया, अब वापस अपने घर लौट रही हूं।
 
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पूर्णिया के धमदाहा निवासी गिरिजानंद झा अपने परिवार के साथ बाबा के दरबार में अर्जी लगाने आए थे। - फोटो : अमर उजाला
पूर्णिया से आये श्रद्धालु भी लौटे
पूर्णिया जिला के धमदाहा निवासी गिरिजानंद झा ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ पटना आए थे। उन्होंने पर्ची भी कटवाई थी। वह बागेश्वर धाम वाले बाबा के दरबार में अर्जी लगाने लगाने आए थे। उम्मीद थी कि बाबा पर्ची निकालेंगे। लेकिन, हनुमंत कथा सुनकर ही वापस लौटना पड़ रहा है।
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