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बिहार: ढहाई जा रही है बापू की 1947 की यात्रा से जुड़ी पीएमसीएच इमारत, पुण्यतिथि पर उठी रोक लगाने की मांग

Sun, 30 Jan 2022 09:10 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

बिहार और ओडिशा के पहले मेडिकल कॉलेज के तौर पर स्थापित किया गए संस्थान को स्वतंत्रता के कई साल बाद पीएमसीएच नाम दिया गया था।
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महात्मा गांधी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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भारत की स्वतंत्रता से तीन महीने पहले महात्मा गांधी ने ऐतिहासिक पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) का दौरा किया था। यहां वह अपनी परपोती मनु की सर्जरी के लिए आए थे। लेकिन, बापू से जुड़े इस विरासत स्थल को पुनर्विकास परियोजना के हिस्से के तौर पर ढहाया जा रहा है। रविवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर पीएमसीएच पूर्व छात्र संगठन और कुछ गांधीवादियों ने बिहार सरकार से इस स्थल को न ढहाने के लिए फिर से अपील की। 

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इन लोगों का कहना है कि 100 साल से अधिक पुराने बांकीपुर जनरल अस्पताल की इमारत को न ढहाया जाए, जिसमें महात्मा गांधी की परपोती का करीब 75 साल पहले सर्जरी की गई थी। गांधी पीस मिशन के चेयरमैन एन राधाकृष्णन ने कहा कि यह पटना और बापू की अनमोल विरासत है। हम इस वर्ष आजादी के 75 साल पूरे कर रहे हैं और इस ऐतिहासिक संस्थान से गांधी के जुड़ाव का 75वां साल भी है। इसका जश्न मनाने के स्थान पर इसे ढहाया जा रहा है।

'इमारत को ढहाना बापू की विरासत को ढहाने जैसा'
राधाकृष्णन ने राज्य सरकार से मांग की कि इस ऐतिहासिक इमारत को न ढहाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा करना महात्मा गांधी की विरासत के एक हिस्से का विध्वंस करने के समान है। बिहार के लिए गांधी जी के हृदय में विशेष स्थान था। बता दें कि पीएमसीएच की धरोहर इमारत की स्थापना साल 1925 में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज के रूप में हुई थी। एक प्रमुख पुनर्विकास परियोजना के लिए इस इमारत को तीन चरणों में ढहाने की योजना बनाई गई है।
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10 अप्रैल 1917 को पहली बार बिहार आए थे गांधी
महात्मा गांधी ने बिहार की पहली यात्रा 10 अप्रैल 1917 को की थी। तब सत्याग्रह आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए चंपारण जाते समय पटना आए थे। इसके बाद मई 1947 में महात्मा गांधी ने पटना में कुछ दिन गुजारे थे और विभिन्न स्थानों का दौरा किया था। वह सैयद महमूद के बंगले के आउटहाउस में रुका करते थे। गांधी संग्रहालय से सटा यह बंगला अब एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट का हिस्सा है और उस आउटहाउस को अब गांधी शिविर के नाम से जाना जाता है। 
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