दरभंगा में असामाजिक तत्वों ने थाना में आग लगा दिया। पुलिस ने इस घटना में शामिल एक आरोपित को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। घटना मोरो थाना की है जबकि गिरफ्तार युवक खपरपुरा गांव के टनटन ठाकुर का पुत्र धर्मेंद्र ठाकुर है। दूसरा फरार आरोपी सीताराम यादव का पुत्र अरुण यादव है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
आग लगाने की बताई वजह
घटना के संबंध में एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि देर रात 1 बजे मोरो थाना में असामाजिक तत्वों के द्वारा आग लगाये जाने सूचना मिली। इस मामले का उद्भेदन कर लिया गया है। घटना का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि आरोपी धर्मेंद्र ठाकुर का अपने भाइयों के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। झगड़ा होने पर उसके भाई ने डायल 112 को फ़ोन करके पुलिस को बुला लिया। घटना स्थल पर पहुँची डायल 112 की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और पीड़ित को थाना जाकर शिकायत करने को कहा। इस बीच आरोपी धर्मेंद्र ठाकुर अपने दोस्त ग्रामीण अरुण यादव के साथ लाठी डंडे लेकर बाइक से मोरो थाना पहुँच गया और थाना के अंदर अपने भाई को खोजने लगा। इसी बीच उसकी नजर थाना में रखे डीजल पर पड़ी। आरोपी ने उसी डीजल को थाना में छिड़कर अपने पास रखे माचिस से आग लगा दिया।
की जा रही है मामले की जांच
एसएसपी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ मधुबनी जिला में भी एक प्राथमिकी दर्ज है उसकी जानकारी भी ली जा रही है। बताया जाता है कि आरोपी धर्मेंद्र ठाकुर का भाई, जो शराब बनाने का काम करता था वह भी पहले जेल जा चुका है। उसकी भी जानकारी ली जा रही है।
लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी होगी कार्रवाई
एसएसपी अवकाश कुमार ने बताया कि थाना में मौजूद ऑन ड्यूटी पदाधिकारी या पुलिस कर्मियों के द्वारा त्वरित कार्यवाई क्यों नही की गई इसकी भी जानकारी ली जा रही है। इसके लिए डीएसपी सदर अमित कुमार के नेतृव में जांच कमिटी गठित कर दी गई है। जांच के बाद जो भी पुलिस कर्मी या पदाधिकारी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई की जाएगी। घटना के मुख्य कारणों का पता लगाया जा रहा है।