सीतामढ़ी में शनिवार शाम एक बस पलटने से दस लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी एनएच 77 पर बस औराई जा रही थी। बस भनसपट्टी पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे गिर गई। घायलों को उपचार के लिए निकट के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार रुन्नीसैदपुर के पास एक बस पुल से नीचे गिर गई।
बस मुजफ्फरपुर से औराई जा रही थी। बस जैसे ही रुन्नीसैदपुर के पास पहुंची तो बस के ड्राइवर का नियंत्रण बस से हट गया और वह पुल से नीचे गिर पड़ी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बस को बाहर निकाला। इस हादसे में दस लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल लोगों को मुजफ्फरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
औराई थाना क्षेत्र की खोतपुर निवासी कहकशां प्रवीण अपने डेढ़ माह के बच्चे और मां के साथ शहर आई थी। उसका कहना है कि हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ है। ड्राइवर गुटखा खा रहा था और बार बार खिड़की से सिर निकालकर थूक रहा था। पुल पर गड्डा था। जैसे ही ड्राइवर थूक रहा था वैसे ही सामने से एक बस आ रही थी। जिस कारण उसका बस पर से नियंत्रण हट गया और बस पुल से नीचे पलट गई।
वहीं जहां एक तरफ पोस्टमार्टम हाउस से निकल रहे शवों को देखकर परिवार वाले दुखी हैं। तो वहीं दूसरी तरफ शवों को घर तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस वाले भी मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुशहरी बीडीओ मो. जफरूद्दीन हर बेड पर जाकर घायलों की सूची बना रहे हैं। वहीं एक और यात्री का कहना है कि चंदन रथ बस ओवरलोड थी। यहां तक कि बस की छत पर भी लोग सवार थे। वह भी इस घटना के लिए चालक को ही दोषी बता रहा है।
घायलों को अस्पताल में देखने नगर विकास मंत्री सह सीतामढ़ी के प्रभारी सुरेश शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने एक एक कर सभी घायलों से मुलाकात की। इस दौरान एक घायल परिजन ने मंत्री से जमीन पर बेड लगाकर इलाज करने की शिकायत की। जिसके बाद मंत्री ने उसे बेड दिलवाया।