विकलांग मुकेश 10वीं की परीक्षा दे रही है।
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हौसला हो तो हर मुश्किल खुशगवार हो जाती है। आड़े आई हर मुसीबत भी रास्ता दिखलाती है। हो हिम्मत, हो दम तो फिर क्या, सपने पूरा करने का जुनून मंजिल तक पहुंचा ही देता है। ऐसा ही हौसला दिखा रहा है गांव सारथी का मुकेश कुमार। दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उसके अंदर भरा जज्बा उसे 10वीं की परीक्षा देने का हौसला दे रहा है।
दरअसल, जिले के सीमावर्ती गांव सारथी के बुई लाल के बेटे मुकेश कुमार के दोनों हाथ नहीं है, लेकिन उस के अंदर कुछ करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। राजपुरा के सरकारी हाई स्कूल में दसवीं कक्षा की परीक्षा देने पहुंचे मुकेश का उत्साह देख कर हर कोई हैरान है।
बिना हाथों के ही वह काफी तेजी के साथ लिखता है। उस के चेहरे पर जरा सी भी शिकन नहीं दिखी। मुकेश का कहना है कि वह पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहता है, हालांकि सरकार की ओर से भी छात्र की कोई उचित सहायता नहीं की गई है।
जिस से वह अपने दम पर ही पढ़ाई की तैयारी कर परीक्षा दे रहा है। परीक्षा के लिए नियुक्त आब्जर्वर राम दयाल शर्मा ने छात्र मुकेश का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यदि सारथी स्कूल के स्टाफ के सदस्य चाहते, तो मुकेश को लिखने के लिए अन्य छात्र की सेवायें मिल सकती थी।
मुकेश दोनों बाजू में पैन पकड़ कर पेपर लिखता है। जो काफी मुश्किल है, लेकिन मुकेश को देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा, मुकेश अन्य छात्रों की तरह परीक्षा दे रहा है।