फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुकेश के हौसले के आगे पस्त हुई विकलांगता

Mon, 14 Mar 2016 12:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/सांबा

सार

  • सीमावर्ती गांव सारथी के बुई लाल के बेटे मुकेश कुमार के दोनों हाथ नहीं है।
  • मुकेश दोनों बाजू में पैन पकड़ कर पेपर लिखता है। जो काफी मुश्किल है।
विज्ञापन
व‌िकलांग मुकेश 10वीं की परीक्षा दे रही है। - फोटो : File
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हौसला हो तो हर मुश्किल खुशगवार हो जाती है। आड़े आई हर मुसीबत भी रास्ता दिखलाती है। हो हिम्मत, हो दम तो फिर क्या, सपने पूरा करने का जुनून मंजिल तक पहुंचा ही देता है। ऐसा ही हौसला दिखा रहा है गांव सारथी का मुकेश कुमार। दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद उसके अंदर भरा जज्बा उसे 10वीं की परीक्षा देने का हौसला दे रहा है। 
विज्ञापन


दरअसल, जिले के सीमावर्ती गांव सारथी के बुई लाल के बेटे मुकेश कुमार के दोनों हाथ नहीं है, लेकिन उस के अंदर कुछ करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा है। राजपुरा के सरकारी हाई स्कूल में दसवीं कक्षा की परीक्षा देने पहुंचे मुकेश का उत्साह देख कर हर कोई हैरान है। 

बिना हाथों के ही वह काफी तेजी के साथ लिखता है। उस के चेहरे पर जरा सी भी शिकन नहीं दिखी। मुकेश का कहना है कि वह पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहता है, हालांकि सरकार की ओर से भी छात्र की कोई उचित सहायता नहीं की गई है। 
विज्ञापन


जिस से वह अपने दम पर ही पढ़ाई की तैयारी कर परीक्षा दे रहा है। परीक्षा के लिए नियुक्त आब्जर्वर राम दयाल शर्मा ने छात्र मुकेश का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यदि सारथी स्कूल के स्टाफ के सदस्य चाहते, तो मुकेश को लिखने के लिए अन्य छात्र की सेवायें मिल सकती थी। 

मुकेश दोनों बाजू में पैन पकड़ कर पेपर लिखता है। जो काफी मुश्किल है, लेकिन मुकेश को देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा, मुकेश अन्य छात्रों की तरह परीक्षा दे रहा है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें