भारतीय सेना प्रमुख जरनल दलवीर सिंह सुहाग ने बीते दिनों चेन्नई में हुए ग्रेजुएशन सेरेमनी के आयोजन के दौरान ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी में भारतीय सेना में शामिल हुए 37 महिलाओं और 183 अफसरों को देश सेवा के लिए प्रेरित किया। नवनियुक्त अफसरों में सुबाथू के शशांक थापा ने भी सेना में लेफ्टिनेंट पद हासिल किया है।
उन्होंने युवा वर्ग को नशे से दूर रहकर सेना में शामिल होकर देश की सेवा में आगे आने का संदेश दिया है। 22 वर्षीय लेफ्टिनेंट शशांक थापा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी शिक्षा की शुरुआत सुबाथू सेना वेलफेयर स्कूल से शुरू की। इसके बाद आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई से दसवीं करने के बाद स्नातक सोलन कॉलेज से की।
पिता शंकर जंग थापा सेना में सूबेदार मेजर/ आनरेरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। बचपन से सैनिक परिवार के बीच रहने के कारण उन्हें सेना में शामिल होकर देश सेवा करने का सपना पूरा करना था। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों और अध्यापकों को दिया है।