Honda Legend Level 3 self-driving car
- फोटो : Honda
जापान की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Honda (होंडा) ने जापान में दुनिया की सबसे एडवांस्ड सेल्फ-ड्राइविंग कार Honda Legend (होंडा लीजेंड) लॉन्च की है। कंपनी ने इसकी सिर्फ 100 यूनिट के शुरुआती बैच के साथ इसे देश में उतारा है। होंडा लीजेंड एक सेल्फ-ड्राइव वाहन है जो लेवल 3 ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी से लैस है। यह कार सड़क पर लेन में चलने के साथ ही खुद ही लेन भी बदल सकती है। आइए जानते हैं दुनिया की सबसे एडवांस्ड सेल्फ-ड्राइविंग कार की अहम बातें।
क्या है लेवल 3 ऑटोनॉमस ड्राइविंग
लेवल 3 ऑटोनॉमस ड्राइविंग की तकनीक होंडा लीजेंड को सबसे एडवांस्ड सेल्फ-ड्राइव वाहन बनाती है। वाहन की ऑटोनॉमस ड्राइविंग को जीरो से लेकर 5 के बीच एक पैमाने पर रेट किया जाता है। इस रेटिंग में 5 अनिवार्य रूप से फुल ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमता बताती है। दिलचस्प बात यह है कि भविष्य में लेवल 5 ऑटोनॉमस वाहनों में ड्राइवरों के लिए कोई स्टीयरिंग या कंट्रोल नहीं होंगे। लेवल 5 ऑटोनॉमस वाहनें पूरी तरह से खुद से चलेंगी।
खुद से कैसे चलती है कार
होंडा लीजेंड कार में दी गई होंडा की ट्रैफिक जाम पायलट और होंडा सेंसिंग एलीट सिस्टम की वजह से यह ऑटोनॉमस कार अपने दम पर चलती है। ये टेक्नोलॉजी अनिवार्य रूप से वास्तविक दुनिया की स्थितियों को ठीक से समझने में कार की मदद करते हैं।
ऑटोनॉमस वाहन चलाने वाले व्यक्ति को हर समय चौकस रहना जरूरी है। होंडा लीजेंड में एक आपातकालीन स्टॉप फंक्शन मिलता है। यदि ड्राइवर कार द्वारा दी जा रही हैंडओवर चेतावनियों का जवाब नहीं देता है, तो यह फंक्शन ऑटोमैटिक तरीके से एक्टिव हो जाता है।
ड्राइवर को देती है संकेत
यह ड्राइव को कंट्रोल सौंपने के लिए अलर्ट कर सकता है, जैसे चालक के सीट पर वायब्रेशन होने लगेगा। अगर ड्राइवर ने जवाब नहीं दिया, तो यह सिस्टम आसपास की कारों को हॉर्न और हैजार्ड लाइट्स के जरिए अलर्ट करते हुए वाहन की रफ्तार को धीमा करते हुए उसे रोक देगा।
लीजेंड में दिया गया मेन कैमरा यूनिट ट्रैफिक की स्थिति को लगातार ट्रैक करता है और कार में दी गई बहुत सारी लाइट्स ऑटोनॉमस सिस्टम के स्तर को बताती है।
फिल्में देख सकता है ड्राइवर
लीजेंड की "ट्रैफिक जाम पायलट" सिस्टम कुछ खास परिस्थितियों में ब्रेकिंग, एक्सीलरेशन और स्टीयरिंग को कंट्रोल कर सकती है। होंडा का कहना है कि एक बार इस सिस्टम के एक्टिव हो जाने के बाद, ड्राइवर फिल्में देख सकता है या स्क्रीन पर नेविगेशन का इस्तेमाल कर सकता है, जिससे ट्रैफिक जाम में गाड़ी चलाने पर थकान और तनाव कम हो सकता है।
क्यों पेश की सिर्फ 100 कारें
होंडा ने लीजेंड के एक छोटे से बैच में इसलिए पेश किया है क्योंकि कंपनी की दिलचस्पी यह जानने में है कि देश में खरीदार ऑटोनॉमस वाहनों के बारे में कैसे महसूस करते हैं और इस कार को लेकर उनकी प्रतिक्रिया कैसी होगी। होंडा ने लीजेंड को ऐसे समय में लॉन्च किया है जब जापान वास्तविक दुनिया की स्थितियों में ऐसे वाहनों की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहा है।
टेस्ला की कारों से ज्यादा एडवांस्ड
यह दावा किया जा रहा है कि कार की ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमता टेस्ला की कारों की तुलना में ज्यादा एडवांस्ड है। कंपनी के एक बयान में कहा गया है, "सिस्टम को विकासित करने के दौरान संभावित वास्तविक दुनिया की परिस्थितियों के लगभग एक करोड़ पैटर्न का अनुकरण किया गया, और लगभग 13 लाख किलोमीटर के लिए एक्सप्रेसवे पर रियल-वर्ल्ड प्रदर्शन परीक्षण किए गए थे।"
कीमत
होंडा लीजेंड की प्रारंभिक यूनिट्स को लीज पर दिया जा रहा है। इसकी कीमत करीब 11 मिलियन येन (लगभग 74 लाख रुपये) रखी गई है।