भारत में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। ईवी खरीदने के बाद इन्हे चार्ज करने को लेकर कई बार लोगों में कन्फ्यूजन रहीत है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि अगर आप अपने ईवी की बैटरी की लाइफ को बढ़ाना चाहते हैं तो किस तरह के चार्जर से इन्हें चार्ज करना सही रहेगा।
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कैसे होती है एसी चार्जिंग
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शेल के ईवी चार्जर स्टेशन
- फोटो : सोशल मीडिया
किसी भी तरह के इलेक्ट्रिक वाहन में पावर को डीसी के तौर पर स्टोर किया जाता है। लेकिन अगर आप किसी वाहन को एसी चार्जर के जरिए चार्ज करते हैं तो भी परेशानी नहीं होती। ऐसा इसलिए संभव होता है क्योंकि ऑनबोर्ड चार्जिंग के जरिए एसी चार्जिंग को डीसी में बदल दिया जाता है। जिसके बाद इसे डीसी मोड में स्टोर किया जाता है।
किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन में डीसी मोड में ही पावर को स्टोर किया जाता है। अगर इसे डीसी चार्जर से ही चार्ज किया जाता है तो यह पावर को सीधा बैटरी में भेजता है। इसके लिए वाहन में लगे ऑनबोर्ड चार्जर के उपयोग की जरूरत नहीं होती। क्योंकि पावर को चार्जर के जरिए ही डीसी मोड में बदल दिया जाता है।
अब सवाल आता है कि अगर दोनों ही तरह के चार्जर से बैटरी को चार्ज किया जा सकता है तो किस तरह के चार्जर का उपयोग करके इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करना बेहतर होगा। इसका सीधा जवाब है कि अगर आप डीसी चार्जर से वाहन को चार्ज करते हैं तो इससे आपको चार्ज करने में समय कम लगेगा। लेकिन डीसी चार्जर ज्यादातर फास्ट चार्जिंग का विकल्प देते हैं। ऐसे में इनसे वाहन को चार्ज करने में भले ही समय कम लगे लेकिन इससे लंबी अवधि में बैटरी को नुकसान होता है। वहीं एसी चार्जर से बैटरी को चार्ज करने में ज्यादा समय लगता है और इस तरह के चार्जर से वाहन को घर में भी चार्ज किया जाता है। इसलिए एसी चार्जर वाहन को चार्ज करने में डीसी चार्जर की तरह नुकसान नहीं पहुंचाते। इसलिए अगर आप घर या ऑफिस में वाहन को एसी चार्जर से चार्ज करते हैं तो इससे बैटरी की लाइफ ज्यादा होगी। लेकिन अगर आपको बीच सफर में चार्ज करना है तो फिर डीसी चार्जर का उपयोग किया जा सकता है।