एक कार बनाने में कितना खर्चा आएगा, इसके पीछे कई फैक्टर्स निर्भर करते हैं, जैसे कार किस तरह की है, कार का मॉडल. कार में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और कार बनाने में लगे लोगों की लागत जोड़कर सारा खर्च निकाला जाता है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखकर ही एक कार की लागत निर्धारित होती है।
एक कार बनाने में आने वाली लागत ऊपर-नीचे हो सकती है। इसमें कार में लगने वाले उपकरण, मजदूरों की लागत, शिपिंग कॉस्ट, टैक्स और फीस शामिल है। यहां पर आपको बता दें कि कार को तैयार करने में उसकी लागत अलग-अलग मॉडल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। कार में लगने वाले उपकरण की गुणवत्ता कई बार अलग-अलग होती है। कार बनाने वाले इंजीनियर और मैकेनिकों की स्किल भी काफी हद तक कार की लागत तय करने में भूमिका निभाती है। इसके अलावा कार को शिपिंग के दौरान आने वाला खर्चा इस बात पर निर्भर करता है कि कार का मॉडल क्या है, उसका साइज क्या है।
एक कार की लागत उसके उपकरणों और सप्लाई पर भी निर्भर करती है। एक कार को तैयार करने से पहले उसके डिजाइन और उपकरणों पर काफी रिसर्च होती है। इसमें काफी खर्चा आता है, साथ ही कई बार सुरक्षा और कानूनी जरूरतों को भी पूरा करना होता है।
अंत में वाहन निर्माता कंपनियां कार के प्रोडक्शन की लागत, ओवरहेड लागत, मार्केटिंग लागत, विज्ञापन में आने वाली लागत, टैक्स और फीस को भी शा्मिल किया जाता है। इसके अलावा कार की कीमत निर्धारित करते वक्त कंपनियां अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर भी ध्यान देती हैं।