भारत में पिछले कुछ वर्षों में सेकंड हैंड (यूज्ड) कारों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद से, वैश्विक रुझान के मुताबिक, देश में पर्सनल मोबिलिटी को लगातार बढ़ती प्राथमिकता मिल रही है। जबकि विभिन्न कारकों जैसे मुद्रास्फीति, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी, कच्चे माल की लागत में इजाफा जैसे कई कारणों की वजह से नई कारों की कीमत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पुरानी कारें काफी ज्यादा किफायती कीमत पर आती हैं। यदि कोई ग्राहक अच्छी यूज्ड कार को खोजता है, तो वह उसे उसी कार को नई के रूप में खरीदने की तुलना में काफी सस्ते दाम में एक अच्छा सौदा पा सकता है। संगठित और असंगठित खिलाड़ियों से पुरानी कारों की बढ़ती उपलब्धता इस मांग को और बढ़ा रही है।
हालांकि, पुरानी कार खरीदने के साथ ही सब कुछ खत्म नहीं हो जाता। इसके रखरखाव के लिए भी काफी मेहनत की जरूरत होती है। वास्तव में, नई कार की तुलना में पुरानी कार को ज्यादा सावधानीपूर्वक रखरखाव की आवश्यकता हो सकती है। पुरानी कारों के मालिकों को वाहन के रखरखाव के मामले में थोड़ा परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, कुछ आसान और अत्यधिक उपयोगी सुझावों का पालन करके यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पुरानी कार भी उतनी ही सुचारू रूप से चले जितनी कोई नई कार। और ग्राहक को पैसे के वैल्यू के साथ-साथ एक शानदार ओनरशिप एक्सपीरियंस भी प्रदान करे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी पुरानी कार अच्छी तरह से चलती रहे और बेहतर स्थिति में रहे, हम यहां कुछ अहम टिप्स बता रहे हैं।
फ्लुइड चेक करें
पुरानी कारों के लिए कुछ मेंटेनेंस टिप्स नया वाहन रखने के जैसे ही हैं। उनमें से एक जरूरी फ्लुइड को बदलना या रिफिल करना है। यह सुनिश्चित करें कि इंजन ऑयल, ब्रेक ऑयल, ट्रांसमिशन ऑयल और कूलेंट को ठीक से रिफिल किया गया है। यदि नहीं, तो उन्हें भरें। साथ ही, यदि जरूरी हो, तो नया इंजन ऑयल डालना सुनिश्चित करें। आपकी कार भले ही इस्तेमाल की गई हो, लेकिन हमेशा अनुशंसित चिपचिपाहट वाले OEM (ओरिजिनल इक्यूप्मेंट मैन्युफेक्चरर) निर्धारित ऑयल का इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें।
टायरों की जांच करें
कार में अक्सर अनदेखी किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स में से एक टायर हैं। टायरों को OEM अनुशंसित टायर प्रेशर पर फुलाए रखना अहम है। साथ ही, टायरों में दरारें, असामान्य उभार या असमान टूट-फूट के लिए नियमित रूप से जांच करें। जिससे गाड़ी चलाते समय पंचर हो सकता है और संभावित दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
समय पर घिसाव को ठीक करें
हम अक्सर वाहनों के विभिन्न हिस्सों में होने वाले घिसाव को इस सोच के साथ नजरअंदाज कर देते हैं कि ऐसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जा सकता है। हालांकि, बाद के चरण में महंगे मरम्मत कार्य से बचने के लिए ऐसे घिसाव को समय पर ठीक से ठीक किया जाना चाहिए। विंडशील्ड, वाहन का पेंट, वाइपर ब्लेड आदि जैसे पुर्जे सीधे प्राकृतिक एलिमेंट्स जैसे सूरज की किरणों, बारिश, हवा और धूल के संपर्क में आते हैं।
ये चीजें वाहन के पुर्जों पर घिसाव का कारण बनते हैं। इसलिए, इनकी जांच करना सुनिश्चित करें और उन्हें जल्द से जल्द ठीक करें। साथ ही, कार के मैकेनिकल पार्ट्स में भी घिसाव होता है। जिन्हें समय पर ठीक से ठीक किया जाना चाहिए।