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Chinese Cars: क्या चीन में बनी कारों से अमेरिका में हो सकती है जासूसी? अमेरिकी राष्ट्रपति ने शुरू की जांच

Mon, 04 Mar 2024 05:18 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में एक जांच शुरू की है जिसका मकसद यह जांच करना है कि क्या उनके देश में चीन में बनी गाड़ियों का इस्तेमाल खुफिया गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी सड़कों पर चीन में बनी गाड़ियों की संख्या बेहद कम है।
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Joe Biden and Xi jinping - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में एक जांच शुरू की है जिसका मकसद यह जांच करना है कि क्या उनके देश में चीन में बनी गाड़ियों का इस्तेमाल खुफिया गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। हालांकि, अमेरिकी सड़कों पर चीन में बनी गाड़ियों की संख्या बेहद कम है। लेकिन जांच कथित तौर पर ऐसे वाहनों में इस्तेमाल की जाने वाली टेक्नोलॉजी की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिनका इस्तेमाल जासूसी के लिए भी किया जा सकता है।
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जैसा कि बाइडेन अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में फिर से चुने जाने की दिशा में कदम रख रहे हैं, उनका एक प्रमुख मकसद, चीनी कार निर्माताओं के विस्तार के खिलाफ प्रतिक्रिया हासिल करना है। जो मुख्य वैश्विक बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इस बात पर रोशनी डाली है कि हाल ही में शुरू की गई जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली कनेक्टेड कारों की क्षमता पर गौर किया जाएगा। और क्या ये 'जासूसी और नुकसान पहुंचाने के लिए नए रास्ते' खोल सकती हैं।

Chinese Cars - फोटो : For Reference Only
चीन के कार निर्माताओं से खतरा बहुत वास्तविक है। ज्यादातर चीनी ब्रांड बड़ी संख्या में वाहनों का निर्माण करने की क्षमता रखते हैं। और फिर इन्हें मौजूदा निर्माताओं के मॉडल की तुलना में कम कीमतों पर पेश करते हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार और इलेक्ट्रिक कार बाजार है और BYD, Xpeng और NIO जैसी कंपनियां पिछले कुछ समय से विदेशी बाजारों को निशाना बना रही हैं।

अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले चीनी ऑटो ब्रांडों का भारी विरोध हो रहा है। और खासतौर पर अमेरिकी कार निर्माता पैनिक बटन दबाने के लिए तैयार हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऑटो लॉबिंग समूह ने यहां तक कह दिया है कि चीनी कार ब्रांडों के संभवित एंट्री 'विलुप्त होने की घटना' का कारण बन सकता है।

Volkswagen ID.7 Electric Car - फोटो : Volkswagen
अमेरिका के लिए कारें, मेड इन अमेरिका
बाइडेन प्रशासन अमेरिका में मैन्युफेक्चरिंग (विनिर्माण) को बढ़ावा देने पर विचार कर रहा है। और इसका हालिया मुद्रास्फीति कटौती अधिनियम (आईआरए), कई मुख्य बातों के अलावा, सिर्फ उत्तरी अमेरिका में असेंबल किए गए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए सब्सिडी पर केंद्रित है। ऐसा माना जाता है कि यह उन निर्माताओं के खिलाफ निर्देशित है जो मुख्य रूप से चीन से वाहनों का आयात करते हैं। चीन ने पहले इस पर पलटवार किया था और इसे संरक्षणवाद का स्पष्ट उदाहरण बताया था।

Ford - फोटो : Ford Motor
लेकिन बाइडेन चीनी ब्रांडों को नाकाम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, भले ही उनका कोई भी कदम साफ तौर पर जाहिर न हुआ हो। वैसे भी अब तक नहीं। उन्होंने कहा है, "हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि ऑटो उद्योग का भविष्य अमेरिका में अमेरिकी श्रमिकों के साथ बनाया जाएगा।"

दिलचस्प बात यह है कि कई वैश्विक ब्रांड (जिनमें अमेरिकी ब्रांड भी शामिल हैं) अपने कारोबार को रफ्तार देने के लिए चीनी बाजार पर निर्भर हैं। चीनी ऑटो बाजार में स्थानीय और वैश्विक ब्रांडों के बीच ज्यादा हिस्सेदारी के लिए तीव्र प्रतिद्वंद्विता देखी जा रही है। टेस्ला, फोर्ड और जनरल मोटर्स जैसी कंपनियां यहां के बाजार में मौजूद हैं, या तो अपने दम पर या साझेदारी के जरिए।
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elon musk - फोटो : social media
जासूसी की, तो अलविदा
जासूसी गतिविधियों को अंजाम देने वाली न्यू जेनरेशन की कारों से खतरा सिर्फ अमेरिका में ही एक वास्तविक डर नहीं है। 2021 में, चीनी अधिकारियों ने टेस्ला ईवी के मालिकों को सरकारी, सैन्य और अन्य संभावित संवेदनशील जगहों के आसपास अपनी कारें पार्क न करने का निर्देश जारी किया था। बीजिंग को यह भी संदेह था कि टेस्ला चीनी ग्राहकों का डेटा चीन के बाहर के स्थानों पर इकट्ठा कर रहा है। जिसके बाद सीईओ एलन मस्क ने सार्वजनिक रूप से एलान किया कि ऐसा नहीं है।

चीन के बेहद आकर्षक बाजार में किसी भी तरह की हिस्सेदारी चाहने वाले हर कार निर्माता के लिए चीनी अधिकारियों को नाराज करने का सवाल ही नहीं उठता है। लेकिन भले ही वैश्विक ब्रांड यहां मान्यता और स्वीकार्यता के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हों। चीनी ऑटोमोटिव कंपनियों को अभी भी अमेरिकी सीमा में एंट्री करना बाकी है।
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