NHTSA ने की घोषणा
यह एलान अमेरिका के राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) की ओर से किया गया है। उन्होंने कहा कि विस्तृत समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनॉमी (CAFE) नियमों के तहत बीते वर्षों के लिए किसी भी तरह का पिछला (रेट्रोएक्टिव) जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। CAFE मानक अमेरिकी संघीय कानून का हिस्सा हैं, जिनका मकसद वाहनों की ईंधन दक्षता बढ़ाकर ऊर्जा की खपत को कम करना है।
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कोविड के दौर में कंपनियों के सामने थे कई संकट
साल 2020 से शुरू हुई महामारी के दौर में कार कंपनियों को सप्लाई चेन में आई रुकावटों, सेमीकंडक्टर की कमी और आर्थिक अनिश्चितता जैसी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इन्हीं वजहों से वे अपने सालाना ईंधन दक्षता लक्ष्य पूरे नहीं कर पाईं। इसके अलावा, ग्राहकों की एसयूवी और बड़े ट्रकों की ओर बढ़ती रुचि ने भी इस लक्ष्य को पाना और मुश्किल बना दिया था।
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उद्योग जगत की दलीलें और सरकार का समर्थन
ऑटो इंडस्ट्री के नेताओं का कहना था कि ऐसी असामान्य परिस्थितियों में पिछली तारीख से जुर्माना लगाना बिल्कुल अनुचित होगा। लंबे समय से कार निर्माता कंपनियां चाहती थीं कि CAFE नियमों में कुछ लचीलापन हो, खासतौर से उन वर्षों में जब कोई अप्रत्याशित संकट आ जाए। अब NHTSA का यह फैसला इन असाधारण हालात को समझते हुए लिया गया है, जिससे कंपनियों को भविष्य के लिए थोड़ी निश्चितता मिल सके।
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नियमों में यह व्यवस्था पहले से है, पर अब राहत
मौजूदा नियमों के तहत अगर कोई कार निर्माता फ्यूल इकॉनॉमी के मानकों को पूरा नहीं करता है, तो वह या तो जुर्माना भर सकता है या फिर उन कंपनियों से क्रेडिट खरीद सकता है, जिन्होंने अपने लक्ष्य से ज्यादा दक्षता हासिल की हो। कई कंपनियां पहले से ही भारी जुर्माने की तैयारी कर रही थीं। लेकिन अब NHTSA के इस फैसले से उन पर से यह दबाव काफी हद तक कम हो गया है।
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भविष्य में राहत नहीं, बल्कि कड़े नियम लागू रहेंगे
हालांकि, यह फैसला सिर्फ बीते वर्षों के लिए राहत देता है। भविष्य के नियम और लक्ष्य पहले की तरह सख्त रहेंगे। बाइडेन प्रशासन ने आने वाले वर्षों के लिए फ्यूल एफिशिएंसी और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर काफी कड़े मानक तय कर दिए हैं। इनका मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से कार्बन उत्सर्जन को घटाना है।
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