अक्सर नई मोटरसाइकिल खरीदने वाले लोग बाइक के कुछ पुर्जों को बदल देते हैं, ताकि बाइक का डिजाइन और बेहतर बनाया जा सके। बाइक मोडिफिकेशन में टायरों को बदलना सबसे आम बात है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि बाइक में मोटे टायर लगवाने से क्या फर्क पड़ेगा। यह बाइक के इंजन पर ज्यादा निर्भर करता है। अगर बाइक का इंजन 100 और 125 सीसी का है तो इससे बाइक की पकड़ मजबूत हो जाएगी। मगर इस बात का ध्यान रहें कि चौड़े टायर लगवाने से बाइक का वजन बढ़ जाता है। इस वजह से इंजन को अधिक मेहनत करनी होगी। ऐसे में बाइक की माइलेज कम हो जाती है।
वहीं, दूसरी तरफ, अगर बाइक कम सीसी इंजन वाली है और मोटे टायरों को बाइक में लगवाया है तो इससे बाइक के टायरों का ज्यादा हिस्सा सड़क पर लगेगा। ऐसे में टायरों की वजह से अच्छी पकड़ नहीं बन पाएगी। साथ ही बाइक की क्षमता पर भी बुरा असर पड़ेगा। इसके पीछे एक बड़ा कारण है कि मोटे टायर लगवाने से इंजन को ज्यादा काम करना होगा।
इसके अलावा, अगर आप सोच रहे हैं कि 150 या उससे ज्यादा सीसी की बाइक में चौड़े टायर लगाए तो इससे क्या फायदा होगा, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। दरअसल, ज्यादा क्षमता वाली बाइक को मोटे टायरों को नियंत्रित करने के लिए अधिक पावर की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कई बार ज्यादा सीसी वाली मोटरसाइकिल में चौड़े टायर लगवाने से बाइक की क्षमता कम हो जाती है। हालांकि, चौड़े टायरों का फायदा होता है कि ऐसा करने से टायरों की ग्रिप पतले टायरों के मुकाबले अधिक हो जाती है। मगर इसमें भी माइलेज घटने की समस्या आती है।
अगरआप बाइक में नए टायर लगवाने की सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि ट्यूबलेस टायर बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। साधारण टायरों की तुलना में ट्यूबलेस टायर ज्यादा लाइफ के साथ आते हैं। साथ ही बाइक के असली टायरों की तरह ही दूसरे टायर लगवाएं। जैसे अगर बाइक में पहले से ही मोटे टायर लगे थे तो मोटे टायरों का इस्तेमाल करें। वहीं, अगर मोटरसाइकिल में पहले से ही पतले टायर लगे हैं तो फिर पतले टायर लगवाना ही ठीक रहेगा।