आवाज के प्रदूषण को कम करने की पहल
गडकरी ने इस पहल के पीछे की वजह भी समझाई। उनका कहना है कि सड़क किनारे होने वाला ध्वनि प्रदूषण कम करना बेहद जरूरी है ताकि लोगों को शहरी माहौल में राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जैसे हम हवा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश करते हैं, वैसे ही अब हमें ध्वनि प्रदूषण को भी गंभीरता से लेना चाहिए। उनका मानना है कि शांत और स्वस्थ माहौल शहरों को रहने लायक बनाएगा।
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ट्रांसपोर्ट सेक्टर से 40% वायु प्रदूषण
गडकरी ने यह भी बताया कि भारत में लगभग 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसी वजह से सरकार ग्रीन मोबिलिटी यानी पर्यावरण के अनुकूल यातायात साधनों को बढ़ावा दे रही है। इसमें बायो-फ्यूल जैसे एथेनॉल और मीथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार ऐसे ट्रांसपोर्ट विकल्पों पर काम कर रही है जो पर्यावरण के लक्ष्यों के अनुरूप हों।
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भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार
गडकरी ने भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की तेजी से बढ़ती ताकत पर भी रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि 2014 में भारतीय ऑटो सेक्टर की वैल्यू करीब 14 लाख करोड़ रुपये थी, जो आज बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इतना ही नहीं, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बनने का गौरव भी हासिल कर लिया है, जो अब सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे है।
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