सरकार ने देश भर के नेशनल हाईवे नेटवर्क में कुल 5,803 ब्लैक स्पॉट की पहचान की है। जिनमें से तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में ऐसे अत्यधिक खतरनाक मार्गों का सबसे बड़ा हिस्सा है। यह जानकारी गुरुवार को संसद को दी गई।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि राज्यों से हासिल 2018-2020 के आंकड़ों के आधार पर इन ब्लैक स्पॉट पर हुए हादसों/मौतों का राज्य/केंद्रशासित प्रदेशवार डिटेल्स दिया गया है।
जिन राष्ट्रीय राजमार्गों के लगभग 500 मीटर के खंड पर तीन वर्षों के दौरान कम से कम पांच सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं और जिनमें 10 लोगों की मृत्यु हुई है, उन्हें दुर्घटना ब्लैक स्पॉट के रूप में पहचाना जाता है।
गडकरी के मुताबिक, सभी राज्यों में तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 748 ब्लैक स्पॉट हैं, उसके बाद पश्चिम बंगाल (701) और तेलंगाना (485) हैं।
गडकरी ने आगे कहा, "राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों 2018-19 से 2022-23 के दौरान NHAI को सौंपे गए राष्ट्रीय राजमार्गों पर ऊपर बताए गए ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए किए गए उपायों सहित मरम्मत और रखरखाव पर 15,702.80 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।"
गडकरी ने एक अलग सवाल का जवाब देते हुए बताया कि NHAI ने हाल ही में 14 राष्ट्रीय राजमार्गों पर 26 परियोजनाओं में 39 सुरंगों की समीक्षा शुरू की है। जिसमें से 17 सुरंग परियोजनाओं की समीक्षा पूरी हो चुकी है और पांच सुरंग परियोजनाओं की समीक्षा दिसंबर तक पूरी होने वाली है।
उन्होंने बताया कि चार सुरंग परियोजनाओं का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।