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Road Accidents: खराब प्रोजेक्ट रिपोर्ट सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार, नितिन गडकरी का खुलासा

Mon, 05 Sep 2022 04:23 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कुछ सड़क दुर्घटनाओं के लिए दोषपूर्ण परियोजना रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया और जोर देकर कहा कि कंपनियों को राजमार्गों और अन्य सड़कों के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए सही ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) की जरूरत है।
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Nitin Gadkari - फोटो : PTI
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कुछ सड़क दुर्घटनाओं के लिए दोषपूर्ण परियोजना रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया और जोर देकर कहा कि कंपनियों को राजमार्गों और अन्य सड़कों के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए सही ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) की जरूरत है।
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि सरकार नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।

गडकरी, जो अपने स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं, ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा, "कंपनियों द्वारा तैयार कुछ डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) बेहद खराब हैं और सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।" 

highway - फोटो : istock
उन्होंने डीपीआर तैयार करने वाली कंपनियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, " शुरुआत वहां से करो। अगर वो सुधरेंगे नहीं तो तुम्हारा पूरा सत्यानाश हो जाएगा।"

हल्के-फुल्के अंदाज में मंत्री ने कहा कि अकुशल चालक के हाथ में नई मर्सिडीज कार भी समस्या खड़ी कर सकती है।

गडकरी ने सड़क परियोजनाओं में देरी के कारणों की पहचान करने पर जोर दिया क्योंकि देरी के कारण निर्माण की बढ़ती लागत भी एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है। 
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सायरस मिस्त्री इसी कार में सवार थे। - फोटो : सोशल मीडिया
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की रविवार को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जब उनकी कार महाराष्ट्र के पालघर जिले में डिवाइडर से टकरा गई।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं में 1.55 लाख से ज्यादा लोगों की जान चली गई - औसतन रोजाना 426 या हर एक घंटे में 18 - जो अब तक किसी भी कैलेंडर वर्ष में दर्ज की गई सबसे ज्यादा मौत का आंकड़ा है।

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले एनसीआरबी की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछले साल दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों की संख्या अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जबकि सड़क दुर्घटनाओं और घायल लोगों की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में कमी आई है।
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