हादसे में क्षतिग्रस्त कार
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जान पर भारी
हाल ही में एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कारों में आने वाले ये टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम आपकी जान पर भारी पड़ सकते हैं। ब्रिटेन के एक चैरिटी ग्रुप आईएम रोडस्मार्ट (पूर्व नाम इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड मोटरिस्ट्स) ने अपने एक शोध में दावा किया है कि ड्राइविंग के दौरान टचस्क्रीन सिस्टम का इस्तेमाल करना नशे में ड्राइविंग करने से भी ज्यादा खतरनाक है। संस्था ने कार ड्राइविंग और बाइक राइडिंग के दौरान रोड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स में सुधार के लिए यह शोध किया है।
प्रतिक्रिया समय घटता है
आईएम ने एफआईए रोड सेफ्टी ग्रांट प्रोग्राम और रीस जेफ्रीज़ रोड फंड के साथ यह अध्ययन किया है। शोध में खुलासा हुई है कि मॉडर्न टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम्स और टच बेस्ड कंट्रोल सरफेस से ड्राइवर का प्रतिक्रिया समय घटता है, जिससे उसका ध्यानाकर्षण होता है। चौंकाने वाली बात यह है कि अगर नशे में कोई ड्राइव कर रहा हो तो उसका प्रतिक्रिया का समय 2-3 गुना तक धीमा हो जाता है।
ड्राइविंग के दौरान मास्क की आवश्यकता
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एकाग्रता भंग होती है
शोध के मुताबिक हम सभी जानते हैं कि नशे में ड्राइविंग कितनी खतरनाक हो सकती है, लेकिन यहां कुछ ऐसी तकनीक हैं जो संभावित रूप से और भी खतरनाक हैं और कोई भी इसके बारे में बात नहीं करना नहीं चाहता है। इसके बावजूद ऑरिजनल इक्विमेंट मैन्यूफैक्चर्स डिजिटलाइजेशन पर ज्यादा जोर दे रहे हैं। शोध में पता चला है कि जब ड्राइवर कार में टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम पर कुछ कर रहा होता है तो लेन में वाहन की पोजिशन को कंट्रोल करने, एक नियत रफ्तार बनाए रखने और सामने की तरफ देखने में दिक्कत आती है। वहीं यह भी खुलासा हुआ कि ड्राइवर प्रतिक्रिया देने में विफल रहे जबकि सड़क पर उनकी रफ्तार सामान्य से भी धीमी थी।
Honda City alexa support
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वॉयस बेस्ड इंटरेक्शन सिस्टम ज्यादा कारगर
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब आधुनिक टचस्क्रीन सिस्टम की खामियों को लेकर कोई स्टडी की गई हो। भले यह शोध ब्रिटेन में किया गया है लेकिन इसके परिणाम और निष्कर्ष पूरी दुनिया को प्रभावित करते हैं। वहीं टचस्क्रीन पर हाथ इस्तेमाल करने की बजाय वॉयस बेस्ड इंटरेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इससे ड्राइविंग के दौरान एकाग्रता कम भंग होती है। वॉयस बेस्ड इंटरेक्शन सिस्टम का फीचर अब ज्यादातर सिस्टम में दिया जा रहा है। हालांकि कुछ मामलों में टचस्क्रीन सिस्टम बेहद कारगर हैं लेकिन हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम कंट्रोल्स (HVAC) के इस्तेमाल के दौरान मुश्किल पैदा करते हैं और ड्राइविंग से ध्यान भटकाते हैं।