वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत से कुल टायर निर्यात 23,073 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के आंकड़े के बराबर है। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने यह जानकारी दी है।
वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत से कुल टायर निर्यात 23,073 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के आंकड़े के बराबर है। ऑटोमोटिव टायर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ATMA) (एटीएमए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
एटीएमए ने एक बयान में कहा कि साल की पहली छमाही में विकसित अर्थव्यवस्थाओं में मंदी, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण टायर निर्यात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
एटीएमए ने वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, "वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी छमाही में भारत से टायर निर्यात में तेजी से सुधार हुआ और पिछले वर्ष की तुलना में मूल्य के हिसाब से 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।"
इसने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान भारत से कुल टायर निर्यात 23,073 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के आंकड़े के बराबर है।
एटीएमए के अध्यक्ष अर्णब बनर्जी ने कहा, "कठिन बाहरी वातावरण के बावजूद साल की दूसरी छमाही में टायर निर्यात में फिर से तेजी आना भारतीय टायर उद्योग की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से उबरने और खुद के लिए एक अलग पहचान बनाने की क्षमता का प्रमाण है।"
उन्होंने कहा कि यह गुणवत्ता के मामले में भारतीय टायर निर्माताओं द्वारा पेश किए जाने वाले आकर्षक मूल्य प्रस्ताव की ओर भी इशारा करता है, जिसे वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है।
एटीएमए ने कहा कि लगभग 90,000 करोड़ रुपये के कारोबार और 23,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के निर्यात के साथ, भारतीय टायर उद्योग उन कुछ मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर (विनिर्माण क्षेत्रों) में से एक है जिनका एक्सपोर्ट-टू-टर्नओवर अनुपात बहुत ज्यादा है।
इस समय, भारतीय टायरों का निर्यात दुनिया के 170 से ज्यादा देशों में किया जाता है। जिसमें अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे विकसित बाजार भी शामिल हैं।
इसने आगे कहा कि दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियों में सुधार भारतीय टायर निर्माताओं के लिए एक अनोखा मौका मुहैया कराता है।
एटीएमए ने कहा कि भारतीय टायर उद्योग में अगले तीन से चार वर्षों में निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने और वैश्विक बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में देश की स्थिति को मजबूत करने की क्षमता है। साथ ही एटीएमए ने कुछ बाधाओं को दूर करने का आह्वान किया, खासकर प्राकृतिक रबर तक पहुंच के बारे में।
बयान के मुताबिक, टायर उद्योग को (टायर) निर्यात दायित्व के खिलाफ प्राकृतिक रबर आयात के लिए पूर्व-आयात शर्तों का पालन करने की जरूरत है। इससे परिचालन बहुत ही सीमित हो जाता है और निर्यात प्रदर्शन प्रभावित होता है।
"एटीएमए ने कहा, निर्यात दायित्व अवधि को 18 महीने तक बहाल करने की जरूरत है। टायरों के लिए निर्यात दायित्व अवधि को कुछ समय पहले 18 से घटाकर 6 महीने कर दिया गया था। जिससे उद्योग के लिए घरेलू रूप से कम आपूर्ति वाले कच्चे माल तक पहुंचना मुश्किल हो गया।"