इनलाइन इंजन
इनलाइन इंजन, जिसे 'स्ट्रेट इंजन' भी कहा जाता है, सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला इंजन लेआउट है। इसमें सभी सिलेंडर एक सीधी लाइन में होते हैं, जिससे इसका डिजाइन सरल, कॉम्पैक्ट और किफायती हो जाता है। यह छोटे और मिड-साइज कारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प होता है। इनलाइन इंजन आमतौर पर तीन से छह सिलेंडर तक के हो सकते हैं और इन्हें गाड़ियों में ट्रांसवर्स (साइड) पोजिशन में फिट किया जाता है ताकि कार के अंदर ज्यादा स्पेस मिल सके। मारुति वैगनआर, स्विफ्ट, ह्यूंदै क्रेटा और किया सेल्टॉस जैसी लोकप्रिय गाड़ियों में यही इंजन दिया जाता है।
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वी इंजन
वी इंजन का नाम इसकी बनावट से आया है। इसमें सिलेंडर दो अलग-अलग पंक्तियों में 'V' आकार में सेट किए जाते हैं। यह डिजाइन हाई रेव (तेजी से घूमने वाली) स्पीड और अधिक सिलेंडर वाली गाड़ियों के लिए ज्यादा कॉम्पैक्ट होता है।
यह इंजन आमतौर पर हाई-परफॉर्मेंस और लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता है, जहां ज्यादा पावर और स्मूद ड्राइविंग की जरूरत होती है। पहले के समय में होंडा एकॉर्ड, ह्यूंदै सोनाटा और स्कोडा सुपर्ब जैसी गाड़ियों में वी इंजन आता था। हालांकि, आजकल यह सिर्फ सुपर लग्जरी और स्पोर्ट्स कारों में देखने को मिलता है।
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बॉक्सर (फ्लैट) इंजन
बॉक्सर इंजन, जिसे 'फ्लैट इंजन' भी कहा जाता है, बाकी इंजनों से थोड़ा अलग होता है। इसमें सिलेंडर समतल (फ्लैट) तरीके से दो विपरीत पंक्तियों में लगाए जाते हैं। इस डिजाइन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कार का सेंटर ऑफ ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण केंद्र) नीचे रखता है, जिससे गाड़ी की स्टेबिलिटी और हैंडलिंग बेहतर होती है।
यह इंजन कुछ खास कंपनियों की पहचान बन चुका है, जैसे पोर्शे और सुबारू। मिसाल के लिए, सुबारू WRX और पोर्शे 911 जैसी गाड़ियों में यही इंजन दिया जाता है।
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डब्ल्यू इंजन
डब्ल्यू इंजन असल में वी इंजन का एक मॉडिफाइड वर्जन है। इसमें दो वी-इंजन को आपस में जोड़कर एक कॉम्पैक्ट लेकिन पावरफुल डिजाइन बनाया जाता है। यह इंजन बेहद दुर्लभ होता है और सिर्फ सुपर-परफॉर्मेंस और लग्जरी गाड़ियों में देखने को मिलता है।
बुगाटी वेरॉन और बुगाटी चिरोन इस इंजन के सबसे मशहूर उदाहरण हैं। इसके अलावा, बेंटले कॉन्टिनेंटल जीटी में भी डब्ल्यू इंजन का इस्तेमाल किया गया था।
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रोटरी इंजन
रोटरी इंजन बाकी इंजनों से बिल्कुल अलग होता है, क्योंकि इसमें पिस्टन का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसकी जगह, इसमें एक त्रिकोणीय (ट्राइएंगल शेप) रोटर होता है, जो एक अंडाकार चेंबर में घूमता है।
यह डिजाइन पारंपरिक इंजनों की तुलना में छोटा, हल्का और हाई पावर-टू-वेट रेशियो वाला होता है। हालांकि, इस इंजन की सबसे बड़ी कमी यह थी कि यह बहुत ज्यादा फ्यूल और ऑयल की खपत करता था, जिससे इसे बनाए रखना महंगा हो जाता था।
रोटरी इंजन सबसे ज्यादा माजदा RX7 और RX8 जैसी स्पोर्ट्स कारों में देखा गया है।
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