भारत में दोपहिया वाहन चलाक अगर यातायात नियमों का पालन करें तो सड़कों पर होने वाली दुर्घटना का जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। कई अध्ययनों में इन कानूनों को जानने और उनका पालन करने की अहमियत पर रोशनी डाली गई है। भारत की अराजक सड़कों पर चलने के लिए ड्राइविंग स्किल्स के साथ ही जरूरी नियमों के बारे में जागरूकता की भी जरूरत होती है। यहां हम आपको उन प्रमुख यातायात कानूनों से लेकर सुरक्षा अनिवार्यताओं तक हर जरूरी चीज की जानकारी दे रहे हैं।
जरूरी दस्तावेज
इससे पहले कि आप अपने दोपहिया वाहन पर भारतीय सड़कों पर निकलें, सुनिश्चित करें कि आपके पास यह जरूरी दस्तावेज हर समय आपके पास हों। यदि ट्रैफिक पुलिस आपको जांच के दौरान उन्हें पेश करने के लिए कहती है, तो दंड से बचने के लिए इसे तुरंत दिखाएं।
ड्राइविंग लाइसेंस
जब भी आप बाइक या स्कूटर चलाएं तो आपको आरटीओ द्वारा जारी अपना वैध दोपहिया ड्राइविंग लाइसेंस अपने साथ रखना चाहिए। लाइसेंस के लिए आवेदन करने की न्यूनतम आयु पात्रता 50 सीसी से कम गियरलेस दोपहिया वाहनों के लिए 16 वर्ष और 50 सीसी क्षमता से ज्यादा गियर वाली बाइक के लिए 18 वर्ष है।
वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र
आरसी बुक या आरसी कार्ड के रूप में भी जाना जाने वाला यह वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र इस बात का प्रमाण है कि आपका दोपहिया वाहन कानूनी रूप से आपके नाम पर आरटीओ में रजिस्टर्ड है। इसमें आपके वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर होता है। जो आपके नंबर प्लेट पर प्रदर्शित नंबर से मेल खाना चाहिए। यातायात जांच के दौरान वाहन की ओनरशिप वेरिफाई करने के लिए सवारी करते समय आरसी अपने साथ रखें।
डिजिटल सर्टिफिकेट
भारत सरकार की हालिया डिजिटलीकरण पहल के मुताबिक, अब आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्र को डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म या mParivahan (एमपरिवहन) मोबाइल एप पर डिजिटल रूप में ले जा सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग द्वारा पूछे जाने पर, आप सभी दस्तावेज अपने फोन पर दिखा सकते हैं।
इंश्योरेंस सर्टिफिकेट
भारतीय सड़कों पर चलने वाले सभी मोटर वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी बीमा कवरेज कानून द्वारा अनिवार्य है। जबकि अपनी खुद की क्षति के लिए फर्स्ट-पार्टी कवरेज ऑप्शनल है। लेकिन चोरी या दुर्घटना क्षति के खिलाफ वित्तीय रूप से खुद को बचाने के लिए कॉम्प्रीहेंसिव बीमा लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही पॉलिसी को अपडेट रखें।
पीयूसी प्रमाणपत्र
सरकार द्वारा वार्षिक पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण में) प्रमाणन के जरिए सभी गैसोलीन और डीजल वाहनों का परीक्षण अनिवार्य है। वैध पीयूसी के बिना, आप पर प्रदूषण उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया जा सकता है। उत्सर्जन परीक्षण करवाएं और अधिकृत केंद्रों से प्रमाण पत्र हासिल करें।