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Traffic Challan: नोएडा में नहीं चलेगा वीआईपी कल्चर का दिखावा, 5400 से ज्यादा वाहनों का कटा चालान

Sat, 29 Jun 2024 07:09 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली से सटे नोएडा में वाहन मालिकों के बीच कुख्यात वीआईपी संस्कृति को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। दो हफ्ते के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाहन चालकों को 5,400 से ज्यादा चालान जारी किए।
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Noida Traffic Police - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिल्ली से सटे नोएडा में वाहन मालिकों के बीच कुख्यात वीआईपी संस्कृति को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिशनरेट ने दो सप्ताह लंबे यातायात प्रवर्तन अभियान के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वाहन चालकों को 5,400 से ज्यादा चालान जारी किए।
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माना जाता है कि उत्तर प्रदेश को "चाचा विधायक हैं हमारे" डायलॉग के लिए बदनाम किया जाता रहा है। यह वाक्य राज्य की लंबे समय से चली आ रही वाआईपी संस्कृति की समस्या से जुड़ा हुआ है। जहां लोग नियमों को तोड़ने और जुर्माने से बचने के लिए अपने राजनीतिक संबंधों का दुरुपयोग करते हैं।

दो सप्ताह का यह अभियान 11 जून से 25 जून तक यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चलाया गया था। डीसीपी (यातायात) अनिल कुमार यादव के नेतृत्व में, प्रवर्तन अभियान ने वाहनों पर लाल और नीली बत्तियों, हूटर/साइरन और पुलिस के रंगों के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया। इस अभियान में जाति और समुदाय के स्टिकर गलत तरीके से प्रदर्शित करने वाले वाहनों और अनुबंधित वाहनों को छोड़कर, 'यूपी सरकार' और 'भारत सरकार' के झूठे निशान वाले वाहनों को भी निशाना बनाया गया।

प्रवर्तन अवधि के दौरान, पुलिस ने हूटर, सायरन और लाल/नीली बत्तियों के अनधिकृत इस्तेमाल के 1,604 मामले दर्ज किए। इसके अलावा, वाहनों पर पुलिस के रंगों के दुरुपयोग के लिए 371 चालान जारी किए गए। पीटीआई के अनुसार, 3,430 वाहन जाति और समुदाय के स्टिकर या अनधिकृत सरकारी चिह्न प्रदर्शित करते पाए गए।
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पुलिस ने कहा, "कुल मिलाकर, अभियान की वजह से विभिन्न यातायात अपराधों के खिलाफ 5,405 प्रवर्तन कार्रवाई की गई।" डीसीपी यादव ने कहा कि सड़क अनुशासन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।
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