टेस्ला को अपनी एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (एडीएएस) (ADAS) की टेस्टिंग शंघाई की चुनिंदा सड़कों पर करने की अनुमति मिल गई है। जो चीनी ड्राइवरों को यह तकनीक पेश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह खबर सीईओ एलन मस्क की छह हफ्ते पहले बीजिंग की सफल यात्रा के बाद आई है। जहां उन्होंने फुल सेल्फ-ड्राइविंग (एफएसडी) की तैनाती के लिए शुरुआती स्वीकृति हासिल की थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक अनाम सूत्र के मुताबिक, झेजियांग प्रांत का हांगझोउ शहर संभावित रूप से परीक्षण अनुमति देने में शंघाई का साथ दे सकता है। शुरुआत में, टेस्ला कर्मचारी ही इन क्लोज-रोड ट्रायल का संचालन करेंगे। टेस्ला, शंघाई और हांगझोउ सरकार के अधिकारियों ने अभी तक इस कदम पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है।
यह कदम चीन द्वारा एडीएएस तकनीक को तेजी से अपनाने के साथ जुड़ा हुआ है। एक्सपेंग और शाओमी जैसे घरेलू कार निर्माता पहले से ही इन सिस्टम को अपने वाहनों के लिए एक प्रमुख सेलिंग पॉइन्ट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जबकि टेस्ला के फुल सेल्फ-ड्राइविंग (एफएसडी) पैकेज की कीमत अमेरिका में 8,000 डॉलर अग्रिम या 99 डॉलर मासिक है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये फीचर्स कार को पूरी तरह से ऑटोनॉमस नहीं बनाती हैं। और इसके लिए निरंतर ड्राइवर के निगरानी की जरूरत होती है।
चीन में, टेस्ला 2020 में 56,000 युआन से बढ़कर 64,000 युआन (8,800 डॉलर) के एकमुश्त खरीद पर एफएसडी की सर्विस उपलब्ध कराता है। हालांकि, मौजूदा नियमों के कारण, ड्राइवर अभी तक एफएसडी फंक्शन को एक्टिव नहीं कर सकते हैं। जिससे इस विकल्प को कम अपनाया जाता है। इन सड़क परीक्षणों के शुरू होने के साथ, टेस्ला चीन में अपने एडीएएस फीचर्स के संभावित भविष्य के लॉन्च के लिए रास्ता बना रहा है। जिससे संभावित रूप से एफएसडी पैकेज की बिक्री बढ़ सकती है।
टेस्ला का एफएसडी क्या है?
टेस्ला का फुल सेल्फ-ड्राइविंग (एफएसडी) पैकेज बिल्कुल वैसा नहीं है जैसा नाम से पता चलता है। यह वास्तव में एक एडीएएस है जो हाईवे पर ऑटोमैटिक लेन चेंजिंग, ऑन और ऑफ रैंप पर नेविगेट करने और ट्रैफिक लाइटों और स्टॉप संकेतों का जवाब देने जैसे फीचर्स प्रदान करता है। हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि एफएसडी कार को पूरी तरह से ऑटोनॉमस नहीं बनाता है।
ड्राइवरों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी समय कंट्रोल लेने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह सिस्टम कैमरों, रडार और अल्ट्रासोनिक सेंसरों के नेटवर्क पर निर्भर करता है। जो सॉफ्टवेयर को डेटा उपलब्ध कराते हैं जो स्टीयरिंग, एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग के बारे में फैसला लेता है। एफएसडी का अभी भी विकास जारी है। और अलग-अलग क्षेत्रों में लागू नियमों के मुताबिक उपलब्ध फीचर्स को सीमित कर सकते हैं। इसलिए, जबकि एफएसडी कुछ ड्राइविंग काम को बढ़ा सकता है, यह सेल्फ-ड्राइविंग समाधान नहीं है। और इसके लिए चालक को जिम्मेदारी के साथ निगरानी रखना जरूरी है।