ऑटो पायलट के लिए दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने वाली कंपनी टेस्ला की कारों के साथ लगातार हादसे हो रहे हैं। हाल में ही अमेरिका में एक सड़क हादसे में टेस्ला के ड्राइवर की मौत हो गई।
अमेरिकी कंपनी टेस्ला की कारों में ऑटो पायलट तकनीक ऑफर की जाती है। लेकिन टेस्ला की कारों के साथ लगातार हो रहे हादसों के कारण सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में ही अमेरिका में एक हादसा हुआ है, जिसमें टेस्ला की कार चला रहे ड्राइवर की हादसे में मौत हो गई।
विज्ञापन
टेस्ला से हादसा
2 of 5
For Reference Only
- फोटो : सोशल मीडिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी कार कंपनी टेस्ला की कार से हाल में केलीफॉर्निया में एक हादसा हुआ है। हादसे में कार चला रहे व्यक्ति की मौत हो गई। अमेरिका के दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बीते शनिवार को इंटरस्टेट हाइवे पर फायर ट्रक और कार के बीच हादसा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के केलीफॉर्निया में शनिवार को टेस्ला की कार से हादसा हुआ। हादसे में फ्री वे में खड़े फायर ट्रक को टेस्ला की कार ने टक्कर मार दी। कॉन्ट्रा कोस्टा काउंटी फायर प्रोटेक्शन डिस्ट्रिक्ट के सहायक प्रमुख ट्रेसी डटर ने बताया कि इंटरस्टेट 680 पर फायर ट्रक में सवार चार फायर फाइटर्स को हल्की चोटें आईं।
नेशनल हाइवे पेट्रोल अधिकारी एडम लेन ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि कार का ड्राइवर नशे में था या टेस्ला की कार का ऑटो पायलट सिस्टम सही से काम कर रहा था या नहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह इस बात की जानकारी भी लेने की कोशिश कर रहे हैं कि टेस्ला का ऑटो पायलट सिस्टम हाइवे पर खड़े अमरजेंसी वाहनों की जानकारी कैसे लेता है और किस तरह उनका जवाब देता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑटो पायलट सिस्टम का उपयोग करते हुए कम से कम 14 हादसे हुए हैं। हालांकि अभी कंपनी की ओर से इस बारे में कोई बयान नहीं दिया गया है।
टेस्ला की कारें भले ही दुनियाभर में अपनी अलग पहचान रखती हैं। लेकिन कई देशों ने कंपनी पर अलग-अलग मामलों में जुर्माना भी लगाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ समय पहले टेस्ला पर साउथ कोरिया की ओर से 22 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया गया था। दक्षिण कोरिया के एंटीट्रस्ट रेगुलेटर कोरिया फेयर ट्रेड कमीशन (केएफटीसी) ने कहा कि टेस्ला ने अपनी गाड़ियों की कीमत के बारे में गुमराह करने वाले दावे किए थे। कंपनी ने ग्राहकों से यह बात छिपाई कि कम तापमान में उसकी इलेक्ट्रिक कारों की रेंज कम हो जाती है।