तो, कर्नाटक के कोडागु जिले में जब स्थानीय लोगों को एहसास हुआ कि गूगल मैप्स के कारण यात्री इस इलाके में खो जा रहे हैं। तो उन्होंने एक साइनबोर्ड लगा दिया, जिस पर लिखा था "गूगल गलत है"। उन्होंने ऐसा लोगों को सही रास्ते से क्लब महिंद्रा रिसॉर्ट तक पहुंचने में मदद करने के लिए किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की गई तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, "कर्नाटक में किसी जगह पर।" तस्वीर में एक साइनबोर्ड दिख रहा है जिस पर लिखा है "गूगल गलत है! यह रास्ता क्लब महिंद्रा की ओर नहीं जाता है।"
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस ट्वीट को देखें:
यह ट्वीट 14 मार्च को एक्स पर शेयर किया गया था। तब से इसे 48,000 से ज्यादा बार देखा गया है और 1,200 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। इस पोस्ट पर लोगों के ढेरों कमेंट्स भी आए हैं।
तीसरे व्यक्ति ने बताया, "एक बार जब हम पहाड़ों पर चढ़ते हैं, तो गूगल हमेशा गलत रास्ता बताता है। एक बार मुझे याद है कि हम कूर्ग सुब्रमण्या से सुलिया होते हुए मडिकेरी कैसे गए थे। गूगल ने हमें एक जगह अचानक दाएं मोड़ पर ले गया, और हम 80 किमी से ज्यादा दूर चले गए। हमनें जब महसूस किया कि हम गलत रास्ते पर हैं और तब एक स्थानीय व्यक्ति ने हमें सही रास्ता बताया।"
चौथे ने साझा किया, "कभी-कभी सुझावों के बावजूद गूगल सही सड़क के नाम देने से इंकार कर देता है।"
पांचवें व्यक्ति ने टिप्पणी की, "बिलकुल सच। गूगल मैप्स हमेशा सही नहीं होते हैं। पिछले हफ्ते, मेरी बहन सकलेशपुर गई और गूगल मैप्स के बताए रास्ते पर चली। जिसने आखिरकार उन्हें एक बंद रास्ते पर ले जा पहुंचाया और कार खराब सड़क में फंस गई। सौभाग्य से, कुछ स्थानीय लोगों ने उनकी मदद की। हिल स्टेशनों पर जाने के दौरान कभी भी नेविगेशन पर भरोसा न करें।"