रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग-उन को निजी इस्तेमाल के लिए रूस में बनी एक शानदार लिमोजीन कार उपहार में दी है। दोनों देशों ने मंगलवार को इसका एलान किया। पुतिन के इस नए कदम से दोनों देशों के बीच गहराते संबंधों का पता चलता है। लेकिन ऐसी उम्मीद है कि इससे संयुक्त राष्ट्र की कड़ी प्रतिक्रिया आएगी।
क्रेमलिन ने एक बयान में कहा कि पुतिन ने किम जोंग-उन को रूसी 'ऑरस' लिमोजीन उपहार में दी है। क्योंकि उत्तर कोरियाई नेता को उनके पिछले रूस दौरे के दौरान यह बख्तरबंद कार पसंद आई थी। उन्हें उस वक्त वोस्तोचनी स्पेसपोर्ट पर इस कार में रूसी राष्ट्रपति के बगल में बैठे हुए देखा गया था।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव से उपहार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "जब डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के नेता वोस्तोचनी स्पेसपोर्ट पर थे, तब उन्होंने इस कार को देखा था। पुतिन ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से दिखाया था, और बहुत से लोगों की तरह, किम को यह कार पसंद आई थी।"
हालांकि, पर्यवेक्षकों का कहना है कि लग्जरी वाहन का उत्तरी कोरिया में भेजा जाना संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन है। संयुक्त राष्ट्र के एक पिछले प्रस्ताव के अनुसार, उत्तर कोरिया को लग्जरी सामानों के शिपमेंट पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसा प्रतिबंध उत्तर कोरिया को उसके परमाणु हथियारों के विशाल शस्त्रागार को त्यागने के लिए दबाव बनाने के लिए लगाया गया था।
किम जोंग-उन/व्लादिमीर पुतिन
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यह उपहार किम जोंग-उन की बहन और उत्तर कोरिया में एक उच्च पदस्थ अधिकारी, किम यो-जोंग ने लिया। जिन्होंने रूसी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह कार दोनों देशों के बीच गहरे रिश्ते का प्रतिबिंब है।
कार निर्माता की वेबसाइट के अनुसार, यह कार रूस की पहली फुल साइज लग्जरी सेडान है। यह पुतिन की राष्ट्रपति पद में इस्तेमाल की जाने वाली कार भी है।
क्या रूस ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का उल्लंघन किया?
पुतिन के किम को दिए उपहार की खबरों ने पश्चिम में हलचल मचा दी है। रूस और उत्तर कोरिया दोनों ने दावा किया है कि उन्होंने इस कदम के जरिए किसी भी प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं किया है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने टेलीग्राम पर लिखा, "मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनी शुद्धता के चैंपियन से पूछा जाना चाहिए कि अवैध प्रतिबंधों से क्या नुकसान होता है, जब पश्चिम के प्रतिबंध युद्ध के कारण, दुनिया भर के लोग भोजन, दवाइयां और टीके नहीं खरीद सकते हैं।"
दोनों देशों के अमेरिका के साथ अलग-अलग कारणों से तनावपूर्ण संबंध हैं। उत्तर कोरिया के अपने परमाणु हथियारों के लिए और अमेरिका के सहयोगी यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध के लिए रूस के संबंध तनावपूर्ण हैं। ये दोनों देश, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद, अपने हथियार शस्त्रागार के विस्तार के बीच एक साझेदारी बना चुके हैं।