पश्चिम बंगाल के जीएसटी अथॉरिटी फॉर एडवांस रूलिंग (एएआर) की पीठ ने फैसला सुनाया है कि पंजीकृत वाहन डीलर डेमो कारों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा कर सकते हैं। इन कारों को आम तौर पर संभावित ग्राहकों को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मर्सिडीज बेंज की अधिकृत एजेंट, लैंडमार्क कार्स ईस्ट प्राइवेट लिमिटेड, ने डेमो कार के विभिन्न टैक्स पहलुओं पर फैसले की मांग करते हुए पीठ के सामने एक आवेदन दायर किया था।
एएआर ने कहा, "आवेदक कार की इनवर्ड सप्लाई (आवक आपूर्ति) पर लिए गए और भुगतान किए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने का हकदार है। जिसका इस्तेमाल डेमो के उद्देश्य के लिए किया जाता है और एक निश्चित समयावधि के बाद आगे सप्लाई की जाती है।"
यह फैसला एक सवाल के जवाब में आया था। सवाल था कि क्या आवेदक मर्सिडीज बेंज कार खरीदने में रुचि रखने वाले संभावित ग्राहक को आईटीसी का दावा करने का हकदार है। क्योंकि डेमो के मकसद से इस्तेमाल की जाने वाली कार की मर्सिडीज बेंज इंडिया से आवक आपूर्ति पर लिया और भुगतान किया गया था।
डेमो कार की बिक्री पर टैक्स की दर क्या होगी। इस सवाल पर एएआर ने कहा कि "इसकी आउटवर्ड सप्लाई (निर्गमन आपूर्ति) पर इसकी इनवर्ड सप्लाई की समान दर से कर लगेगा"। कारों की बिक्री पर 28 प्रतिशत जीएसटी, साथ ही लागू सेस लगाया जाता है।
डेमो कार की बिक्री पर हुए नुकसान पर निर्माता से डीलर को हासिल हुआ रिइंबर्समेंट (प्रतिपूर्ति) पर टैक्स का क्या प्रभाव होगा। इस पर एएआर ने कहा कि प्रतिपूर्ति राशि पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
एएआर ने कहा, "मर्सिडीज बेंज इंडिया से आवेदक को 'डेमो कार की बिक्री पर हुए नुकसान' की प्रतिपूर्ति के लिए हासिल राशि को 'किसी कार्य को सहन करने के लिए सहमत होने' की सर्विस की आपूर्ति के एवज में हासिल प्रतिफल माना जाएगा और उस पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा।"
मूर सिंही के कार्यकारी निदेशक रजत मोहन ने कहा कि पश्चिम बंगाल एएआर द्वारा मर्सिडीज बेंज इंडिया के अधिकृत डीलर को डेमो कारों की आवक आपूर्ति पर आईटीसी का दावा करने की अनुमति देना देश भर के वाहन डीलरों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है।
मोहन ने कहा, "यह शोरूम संचालन से जुड़ी लागतों, खासकर डेमो वाहनों से संबंधित खर्चों के बारे में एक बड़ी चिंता को दूर करता है।"
हालांकि, एएआर का "डेमो कार की बिक्री पर हुए नुकसान" के लिए मर्सिडीज बेंज इंडिया से डीलर को हासिल प्रतिपूर्ति को 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी के तहत कर योग्य के रूप में वर्गीकृत करने का निर्णय, शायद क्षेत्र के लिए बहुत स्वीकार्य न हो।
मोहन ने कहा, "हमारा मानना है कि इस व्याख्या को बाद के मंचों में चुनौती दी जा सकती है। क्योंकि 'डेमो कार की बिक्री पर हुआ नुकसान' जरूरी नहीं कि जीएसटी नियमों के तहत 'आपूर्ति' के रूप में योग्यता रखता हो। यह फैसला संभावित रूप से शोरूम संचालित करने वाली अन्य वाहन कंपनियों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है। जिससे उन्हें अपनी टैक्स रणनीतियों की समीक्षा करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।"