भारतीय वाहन बाजार में भले ही नई कारों की बिक्री काफी तेजी से ऊपर की जा रही है। मगर इसके बाद कई तरह की चुनौतियां हैं। जैसे फ्यूल के आसमानी दाम, नए मॉडलों के अधिक दाम आदि। इस तरह से जब कार खरीदने की बात आती है तो अफोर्डेबिलिटी की वजह से लोग पुरानी कार पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। नई कार के मुकाबले पुरानी कारों की मांग और बिक्री में ज्यादा इजाफा देखा गया है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि एक स्तर पर जाकर पुरानी कार की बिक्री ने नई कार की बिक्री को पीछे छोड़ दिया है।
देश में बीते कुछ सालों में पुरानी कारों की बिक्री में आई तेजी के पीछे एक बड़ा कारण है कि बाजार में कई वैध ओईएम पेश किए गए हैं। ये सेलर पुरानी कारों को एक संगठित तरीके से तैयार करके उन्हें बेचते हैं। ऐसे में लोगों को कम दाम पर एक बढ़िया पुरानी कार मिल जाती है। यही वजह है कि देश में पुरानी कार का बाजार लगातार तेजी से ऊपर की ओर जा रहा है।
आजकल वाहन निर्माता कारों में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो काफी लंबे समय तक आसानी से चल जाती है। ऐसे में अगर कोई साल या दो साल बाद भी पुरानी कार खरीदता है तो उसकी तकनीक में कोई कमी नहीं आती है। इसके अलावा पुरानी कार को खरीदना अब काफी आसान हो गया है। लोग नई कार की तरह ही पुरानी कार को भी ऑनलाइन बाजार से खरीद सकते हैं। कई प्लेटफॉर्म हैं, जो पुरानी कारों के फायदे और नुकसान की जानकारी देते हैं। इसके साथ गाड़ी की फोटो और वीडियो भी मिलती है।