मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकार तुषार सक्सेना को जब जुर्माने की सूचना देने वाला एक मैसेल मिला तो उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा। शुरुआत में, उन्होंने इसे एक गलती समझकर अनदेखा कर दिया। लेकिन जब उन्हें ईमेल और मैसेज के जरिए और सूचनाएं मिलने लगीं, तो उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेने का फैसला किया।
रामपुर जिले के निवासी सक्सेना ने दावा किया कि उन्होंने कभी भी गौतम बुद्ध नगर जिले में अपनी कार नहीं चलाई है। इसके बावजूद, जुर्माना जारी किया गया था। जुर्माने के मुताबिक वे कथित तौर पर पिछले साल 9 नवंबर को नोएडा में बिना हेलमेट पहने अपनी ह्यूंदै ग्रैंड i10 निओस चला रहे थे।
जब सक्सेना ने पुलिस से संपर्क किया, तो पुलिस ने उन्हें सलाह दी कि अगर जुर्माने का भुगतान नहीं किया गया तो अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा।
ट्रैफिक पुलिस से ऐसी गलती पहली बार नहीं हुई है। झांसी में, एक इसी तरह की घटना घटी थी। जहां एक व्यक्ति को बिना हेलमेट पहने ऑडी कार चलाने के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। नंदू कॉलोनी के रहने वाले बहादुर सिंह पारीहर अजीब स्थिति में रह गए, जब वे जुर्माने का विरोध करने के लिए स्थानीय ट्रैफिक पुलिस के पास पहुंचे। आपको जानकर हैरत होगी कि उन्होंने अपनी चालान का विरोध करने के लिए आगे क्या किया। उन्होंने वास्तव में अपनी कार चलाते समय हेलमेट पहनना शुरू कर दिया।
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यह अजीब हालात ट्रैफिक अधिकारियों द्वारा तेजी से इस्तेमाल किए जा रहे ऑटोमैटिक कैमरा निगरानी प्रणालियों में किसी खराबी का नतीजा हो सकता है। रियल-टाइम में ट्रैफिक उल्लंघन की घटनाओं को पकड़कर सड़क सुरक्षा में सुधार करने के लिए डिजाइन किए गए ये सिस्टम कभी-कभी स्थितियों का गलत मतलब लगा सकते हैं। या ये कोई साधारण मानवीय निरीक्षण हो सकते हैं।