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Old Vehicles: निजी बस ऑपरेटरों ने ममता को लिखी चिट्ठी, पुराने वाहनों को हटाने से पहले दो साल का समय मांगा

Wed, 31 Jul 2024 02:20 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Mini Bus Kolkata - फोटो : iStock
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15 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की अगस्त की समय सीमा के करीब आने के साथ, पश्चिम बंगाल बस और मिनीबस मालिकों के संघ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इन वाहनों के लिए दो साल का विस्तार देने की अपील की है।
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मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में, संघ ने इस बात पर रोशनी डाली है कि लगभग 2,000 बसें और मिनीबसें, जो 1 अगस्त या बाद में कोलकाता और हावड़ा में चलती रहेंगी, प्रदूषण मानकों के लिए निर्धारित आयु सीमा को पार करने के कारण सड़कों से हटा दी जाएंगी।

मालिकों ने कहा कि कोविड-19 के प्रकोप और उसके बाद के लॉकडाउन के बाद वित्तीय संघर्ष से जूझ रहे मालिक नए बीएस-6 अनुरूप वाहनों को खरीदने में असमर्थ हैं।

संघ के महासचिव प्रदीप नारायण बोस ने कहा, "क्या हम संघर्षरत बस और मिनीबस उद्योग को पुनर्जीवित करने के उपायों पर चर्चा करने के लिए एक संक्षिप्त बैठक का अनुरोध कर सकते हैं? हम परिवहन विभाग से 15 साल की समय सीमा में दो साल का अतिरिक्त विस्तार देने का आग्रह करते रहे हैं। इनमें से कई वाहन लॉकडाउन के दौरान सड़कों से बाहर थे। और इस वजह से, उस अवधि के दौरान वाहनों के प्रदूषण में योगदान नहीं दिया। दो साल का विस्तार देने से इन वाहनों के संचालन को जारी रखने की अनुमति मिलेगी।"

बोस ने पत्र में राज्य सरकार से निजी बस और मिनीबस सेवाओं पर निर्भर हजारों परिवारों की कठिनाइयों पर विचार करने की भी अपील की।

अगस्त से, शहर और आसपास के जिलों में चलने वाले 30,000 स्टेज कैरिज में से 80 प्रतिशत से ज्यादा सड़कों से हट जाएंगे। क्योंकि 2009 में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश से इन वाहनों पर 15 साल की आयु सीमा लगाई गई थी। जिसका मकसद पर्यावरण प्रदूषण को कम करना है।
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परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने पहले पीटीआई को बताया था कि सरकार निजी बस और मिनीबस ऑपरेटरों के सामने आ रही चुनौतियों के प्रति सहानुभूति रखती है। लेकिन वह हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने की आवश्यकता से बाध्य है।

उन्होंने सुझाव दिया था कि बस मालिकों को अपनी याचिका पेश करने के लिए सीधे अदालत का रुख करना चाहिए।
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