फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bike Taxi: 1500 से ज्यादा बाइक टैक्सी चालकों ने एलजी को लिखी चिट्ठी, बयां किया अपना दर्द

Thu, 19 Oct 2023 05:12 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

1,500 से ज्यादा बाइक टैक्सी चालकों ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें डिलीवरी सर्विस में उनके समकक्षों की तरह इलेक्ट्रिक वाहनों में कंवर्जन के लिए समान समयसीमा दी जाए।
विज्ञापन
Bike Taxi - फोटो : For Reference Only
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

1,500 से ज्यादा बाइक टैक्सी चालकों ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें डिलीवरी सर्विस में उनके समकक्षों की तरह इलेक्ट्रिक वाहनों में कंवर्जन के लिए समान समयसीमा दी जाए। यह पत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में यात्री परिवहन सेवाएं और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स को प्रदान करने वाले एग्रीगेटरों के विनियमन और लाइसेंसिंग के लिए एक योजना को मंजूरी देने के एक दिन बाद आया है।
विज्ञापन


यह योजना बाइक टैक्सियों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करती है और यह अनिवार्य करती है कि एग्रीगेटर्स को पैसेंजर सर्विस (यात्री सेवाओं) के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को शामिल करना चाहिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली मोटर वाहन एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर स्कीम 2023 से संबंधित फाइल उपराज्यपाल के कार्यालय में जमा कर दी गई है।
विज्ञापन


ड्राइवरों द्वारा लिखे गए पत्र के अनुसार, "योजना में अनिवार्य रूप से कहा गया है कि दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सियों को चलाने की अनुमति दी जाएगी और अन्य ईंधन प्रकार की बाइक टैक्सियों का संचालन अवैध हो जाएगा। उक्त योजना को अधिसूचित करके, सरकार हमारी आय का एकमात्र स्रोत पर रोक लगाएगी, जो न सिर्फ मेरा बल्कि मेरे पूरे परिवार का भरण-पोषण करता है।" 

Bike Taxi - फोटो : For Reference Only
यह पत्र केजरीवाल, भाजपा सांसद गौतम गंभीर और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को भी भेजा गया है।

इसमें कहा गया है, "यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय होगा क्योंकि ऐसे परिदृश्य में बड़े पैमाने पर बेरोजगारी की स्थिति हो सकती है जहां मुद्रास्फीति पहले से ही इतनी ज्यादा है और मेट्रो शहर में जीवित रहना मुश्किल हो गया है। इस कठिन समय में एक सभ्य आजीविका बनाए रखने के लिए, हम में से ज्यादातर के लिए, बाइक टैक्सी चलाना हमारी आय का एकमात्र स्रोत है। यहां तक कि जो ड्राइवर फूड डिलीवरी और बाइक टैक्सी दोनों पर निर्भर हैं, उन्हें अपनी आय का आधा हिस्सा खोना होगा क्योंकि फूड डिलीवरी सिर्फ भोजन करने के समय के दौरान ही हमें रोजगार दे पाता है।''

इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने और शहर भर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के दिल्ली सरकार के इरादे की सराहना करते हुए, ड्राइवरों ने रेखांकित किया कि सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सियों को संचालित करने की अनुमति देने जैसे कठोर कदम उनकी आजीविका छीन लेंगे।

Food Delivery - फोटो : Social Media
उन्होंने कहा, "...हम अनुरोध करते हैं कि नीति सभी बाइक के लिए समान रहे, यदि किसी बाइक को सामान, भोजन, किराने का सामान आदि पहुंचाने जैसे वाणिज्यिक कार्य करने के लिए सड़क पर चलने की अनुमति है, तो उसे बाइक टैक्सी के रूप में भी अनुमति दी जानी चाहिए। यदि तर्क ईवी में कंवर्ट करने का है, तो हम अनुरोध करते हैं कि हमें ईवी में परिवर्तित करने के लिए वही समानता और समयसीमा दी जाए जो डिलीवरी क्षेत्र को प्रदान की गई है।"

यह देखते हुए कि यात्री सेवाओं, विशेषकर बाइक के लिए ईवी इकोसिस्टम अभी तक परिपक्व नहीं हुआ है, उन्होंने कहा कि बाजार में ऐसे कई विकल्प उपलब्ध नहीं हैं जो बैटरी बैकअप और चार्जिंग स्पीड और बुनियादी ढांचे की सीमाओं के कारण बाइक टैक्सी संचालन का समर्थन कर सकें।

Food Delivery - फोटो : For Reference Only
डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए, नई स्कीम के तहत दोपहिया और तिपहिया वाहनों के नए बेड़े में ईवी को शामिल करने के छह महीने में 10 प्रतिशत, दो साल में 50 प्रतिशत और चार साल में 100 प्रतिशत का लक्ष्य रखा है। 

चार पहिया वाहनों के एग्रीगेटर्स को छह महीने में नए बेड़े में 5 प्रतिशत ईवी, तीन साल में 50 प्रतिशत और पांच साल में 100 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल करना होगा।

पुराने और नए सभी डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स के पूरे बेड़े को 1 अप्रैल, 2030 तक ईवी में ट्रांजिशन करना होगा।

ड्राइवरों ने सामान्य बाइक की तुलना में ईवी की उच्च लागत का भी हवाला दिया। 

उन्होंने कहा कि डिलीवरी क्षेत्र में उनके दोस्तों को अपने वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है, लेकिन उन्हें समान अधिकार नहीं दिए गए हैं।
विज्ञापन

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
उन्होंने आगे कहा, "यदि सभी बाइक टैक्सी चालक डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें इलेक्ट्रिक में ट्रांजिशन के लिए समय दिया गया है, तो इस तथ्य के कारण आय और ज्यादा कम हो जाएगी कि ड्राइवरों की अधिक आपूर्ति होगी और शहर में प्रदूषण का स्तर बना रहेगा जैसा कि यह है।''

पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि बाइक टैक्सी चालक प्रमुख परिवहन केंद्रों के लिए अंतिम-मील कनेक्टिविटी की एक बहुत ही महत्वपूर्ण समस्या का समाधान करते हैं। उन्होंने कहा, "इसके अलावा, हम आपके ध्यान में यह भी लाते हैं कि हमारे ग्राहक आम तौर पर कम आय वर्ग या छात्र हैं जो किफायती विकल्प पसंद करते हैं।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें