Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) को जल्द ही केंद्र को अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने का कारण बताना पड़ सकता है। इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटनाओं से लोगों के मन में आशंका पैदा हुई है और ईवी दोपहिया वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Ola Electric (ओला इलेक्ट्रिक) को जल्द ही केंद्र को अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने का कारण बताना पड़ सकता है। सरकार द्वारा देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग की घटनाओं की जांच का आदेश दिए जाने के कुछ दिनों बाद, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव ने ईवी निर्माता से स्पष्टीकरण मांगे जाने का संकेत दिया है। पिछले महीने, पुणे में ओला इलेक्ट्रिक के एस1 प्रो स्कूटर में आग लग गई थी। इसके अलावा ओकिनावा और प्योर ईवी के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में भी आग लगने की घटनाएं सामने आईं। जिससे लोगों के मन में आशंका पैदा हुई है और ईवी दोपहिया वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ये घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब ईवी टू-व्हीलर सेगमेंट में देश भर में अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखी जा रही है।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव गिरिधर अरमाने ने गुरुवार को समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा, "यदि जरूरी हुआ तो, तो सरकार घटना की तफसील से जानकारी देने के लिए ओला इलेक्ट्रिक को बुला सकती है।"
केंद्र ने ईवी आग की घटनाओं की जांच के लिए सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) को शामिल किया है। सरकार ने डीआरडीओ प्रयोगशालाओं के एसएएम (सिस्टम एनालिसिस एंड मॉडलिंग) क्लस्टर के तहत आने वाली एजेंसी को भविष्य में इसी तरह की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपायों और सुधार के दायरे को साझा करने के लिए भी कहा है।
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ओला सीईओ भाविश अग्रवाल
- फोटो : For Reference Only
इससे पहले आग की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ओला इलेक्ट्रिक ने स्वतंत्र जांच के आदेश दिए थे। ईवी निर्माता ने कहा था, "हम पुणे में एक घटना से अवगत हैं जो पुणे में हमारे एक स्कूटर के साथ हुई थी और मूल कारण को समझने के लिए जांच कर रहे हैं और अगले कुछ दिनों में अपडेट साझा करेंगे। हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं और उचित कार्रवाई करेंगे और आने वाले दिनों में और जानकारी साझा करेंगे।"
ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल ने भी चिंता व्यक्त की और कहा, "सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम इसकी जांच कर रहे हैं और इसे ठीक कर देंगे।"
Okinawa i-Praise+ Electric Scooter
- फोटो : Okinawa
पिछले महीने ईवी टू-व्हीलर सेगमेंट में 370 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्च में लगभग 50,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री के साथ, भारत में अप्रैल, 2021 और पिछले महीने के बीच 2.31 लाख ईवी दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। पिछले वित्त वर्ष में ईवी दोपहिया वाहनों की बिक्री सिर्फ 41,046 यूनिट्स हुई थी। उसकी तुलना में यह 564 प्रतिशत का भारी इजाफा है।
भारत में इस समय उपलब्ध इलेक्ट्रिक स्कूटरों में ज्यादातर लिथियम-आयन बैटरी पैक मिलता है। इन्हें चाहे इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल किया गया हो या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में, अगर वे अनुचित तरीके से निर्मित हैं या क्षतिग्रस्त हो गई हैं, या यदि बैटरी को संचालित करने वाला सॉफ्टवेयर सही तरीके से डिजाइन नहीं किया गया है, तो इन बैटरियों में आग लग सकती है।