भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) Paytm FASTag (पेटीएम फास्टैग) यूजर्स द्वारा सामना की जा रही समस्याओं के मद्देनजर मार्च के आखिर तक 'एक वाहन, एक फास्टैग' पहल के अनुपालन की समय सीमा को बढ़ाने की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
एनएचएआई ने पहले 1 मार्च से 'एक वाहन, एक फास्टैग' पहल को लागू करने का प्रस्ताव रखा था।
"पेटीएम संकट को देखते हुए, फास्टैग उपयोगकर्ताओं को एक वाहन-एक फास्टैग मानक पर स्थानांतरित करने के लिए अधिक समय दिया जा सकता है," अधिकारी ने पीटीआई को नाम न बताने की शर्त पर बताया।
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इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली की दक्षता बढ़ाने और टोल प्लाजा पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के लिए, एनएचएआई ने 'एक वाहन, एक फास्टैग' पहल की है। जिसका उद्देश्य एक फास्टैग का उपयोग कई वाहनों के लिए करने या एक विशिष्ट वाहन से कई फास्टैग लिंक करने को हतोत्साहित करना है।
इस महीने की शुरुआत में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ग्राहकों के साथ-साथ पेटीएम पेमेंट्स बैंक लि. (पीपीबीएल) के व्यापारियों को सलाह दी थी कि वे 15 मार्च तक अपने खातों को अन्य बैंकों में शिफ्ट कर दें।
आरबीआई ने यह भी कहा कि पीपीबीएल ग्राहकों द्वारा बचत बैंक खाते, चालू खाते, प्रीपेड उपकरण, फास्टैग, राष्ट्रीय कॉमन मोबिलिटी कार्ड सहित उनके खातों से शेष राशि की निकासी या इस्तेमाल की अनुमति 15 मार्च के बाद भी उनकी उपलब्ध शेष राशि तक बिना किसी प्रतिबंध के दी जाएगी।
सांकेतिक तस्वीर
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फास्टैग पर, आरबीआई के FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवालों) में कहा गया है कि उपलब्ध शेष राशि तक टोल का भुगतान करने के लिए इसका इस्तेमाल करना जारी रखा जा सकता है।
"हालांकि, 15 मार्च, 2024 के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा जारी FASTag में आगे कोई फंडिंग या टॉप-अप की अनुमति नहीं दी जाएगी," यह कहा था।
लगभग 98 प्रतिशत की पैठ दर और 8 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ताओं के साथ, फास्टैग ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली में क्रांति ला दी है।
फास्टैग भारत में एक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है, जिसे NHAI द्वारा संचालित किया जाता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग करता है, जिससे सीधे प्रीपेड या बचत खाते से या सीधे टोल मालिक से टोल भुगतान किया जा सकता है।