फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pollution: AQI 200 के करीब पहुंचने पर मिलान ने भारी वाहनों पर लगाया प्रतिबंध, क्या भारतीय शहर इससे लेंगे सीख?

Wed, 21 Feb 2024 06:50 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इटली का मिलान शहर हाल ही में विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की एक सूची में शामिल हो गया है। यह एक ऐसी सूची है जिस पर आमतौर पर चीन और दक्षिण एशिया के शहर छाए रहते हैं।
विज्ञापन
इटली का मिलान शहर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इटली का मिलान शहर हाल ही में विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों की एक सूची में शामिल हो गया है। यह एक ऐसी सूची है जिस पर आमतौर पर चीन और दक्षिण एशिया के शहर छाए रहते हैं। लेकिन यहां तक कि जब एशिया के शहर इस सूची में आते रहे, यूरोपीय शहर का शामिल होना काफी असामान्य था। और मिलान के अधिकारियों ने कार्यवाही शुरू कर दी है।
विज्ञापन


मिलान में प्रदूषण का स्तर हाल के दिनों में बढ़ गया है। पिछले रविवार 18 फरवरी को शहर के लिए AQI या वायु गुणवत्ता सूचकांक 193 तक पहुंच गया है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा निर्धारित अनुमेय सीमा से करीब 14 गुना ज्यादा है। और यहां तक कि जब इटली में स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसे हवा के संपर्क में आने से मानव स्वास्थ्य पर संभावित हानिकारक प्रभाव पर हो हल्ला कर रहे हैं, अधिकारियों ने प्रदूषण-रोधी उपाय लागू किए हैं।

प्रदूषण-रोधी उपाय इटली के उत्तरी लोम्बार्डी क्षेत्र में लागू किए गए हैं और मिलान और उसके आसपास के आठ प्रांतों में प्रभावी हुए हैं। ये मंगलवार से लागू हुए हैं और इसके तहत दिन के समय भारी वाहनों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध शामिल है। अन्य कुछ उपायों में हीटिंग और औद्योगिक कृषि गतिविधियों पर कुछ सीमाएं शामिल हैं।
विज्ञापन


मिलान में प्रदूषण का स्तर बढ़ने का क्या कारण है?
स्थानीय मीडिया की विभिन्न रिपोर्टों में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि हवा की नगण्य रफ्तार और बारिश की कमी के कारण प्रदूषण का स्तर ज्यादातर भूमि से जुड़ी और औद्योगिक उत्तरी पो नदी घाटी में फंस गया है। इन रिपोर्टों के अनुसार, पर्वत श्रृंखलाएं भी धुंध को रोकती हैं। और वाहन उत्सर्जन, हालांकि प्रदूषण का बहुत ज्यादा स्रोत नहीं है, ऐसी परिस्थितियों में प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में भी भूमिका निभाता है। हालांकि, इस साल यह बढ़ोतरी पहले से ज्यादा रही है।

भारतीय शहर वायु प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कर सकते हैं?
जबकि मिलान खुद को जहरीली हवा के संदर्भ में एक अपरिचित स्थिति में पाता है, 193 का AQI पूरे साल कई भारतीय शहरों में लगभग आम बात है। यहां कोई हो हल्ला नहीं होता है। और जाहिर है कि एक इतालवी नागरिक या कहीं और किसी अन्य व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए उतना ही हानिकारक होने के बावजूद, प्रदूषण को कम करने के उपाय सीमित हैं।

aqicn.org के मुताबिक, बुधवार की सुबह दिल्ली में सभी निगरानी स्टेशनों से गणना की गई औसत AQI 210 थी। यह जयपुर में 162, पटना में 152 और लखनऊ में 131 था। ये उन सबसे खराब प्रदूषण स्तरों में से नहीं हैं जो इन शहरों में दर्ज किए जा चुके हैं। लेकिन ये फिर भी डब्ल्यूएचओ के स्तर से काफी ज्यादा हैं।

देश के उत्तरी भागों में विशेष रूप से, मौसम और हवा की स्थिति, पराली जलाना, वाहन उत्सर्जन और भारी उद्योगों से निकलने वाले धुएं को अक्सर उच्च प्रदूषण स्तरों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन मिलान में इस समय हो रही चिंताओं की तरह, आमतौर पर यहां यह समस्या तभी सुनी जाती है जब प्रदूषण नंगी आंखों से दिखाई देता है और जब तत्काल चिकित्सीय जटिलताएं देखी जाती हैं।

लंबे समय में, कई लोगों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़ी संख्या में अपनाने, भारी उद्योगों को विनियमित करना और बड़े पैमाने पर लोगों के बीच ज्यादा जागरूकता यहां वायु गुणवत्ता की जांच करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें