मारुति सुजुकी (सांकेतिक तस्वीर)
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Maruti Suzuki (मारुति सुजुकी) ने सोमवार को एक नियामक फाइलिंग में कहा है कि उसे सीमा शुल्क विभाग से 16,27,085 रुपये का कारण बताओ नोटिस मिला है। वाहन निर्माता ने अपनी नियामक फाइलिंग में कहा है कि सीमा शुल्क विभाग (कस्टम डिपार्टमेंट) ने आरोप लगाया है कि मारुति सुजुकी ने विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से आयातित माल के अंतिम उपयोग के आधार पर गलत तरीके से बीसीडी रियायत का लाभ उठाकर 16 लाख रुपये से अधिक के सीमा शुल्क की चोरी की है।
मारुति सुजुकी ने आगे कहा है कि उसे 9 अक्तूबर, 2023 को सीमा शुल्क विभाग से कारण बताओ नोटिस मिला। कार निर्माता ने आगे कहा कि वह निर्णायक प्राधिकारी के समक्ष कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल करेगी। वाहन निर्माता ने यह भी कहा कि कारण बताओ नोटिस के कारण कंपनी की वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
यह उन परेशानियों की सूची में बिलकुल नया मामला है जिनका मारुति सुजुकी पिछले कुछ हफ्तों से सामना कर रही है। कथित तौर पर सीमा शुल्क चोरी के लिए सीमा शुल्क विभाग से कारण बताओ नोटिस मारुति सुजुकी को आयकर नोटिस और जीएसटी प्राधिकरण से कारण बताओ नोटिस मिलने के कुछ दिनों के भीतर आया है।
कुछ ही दिन पहले, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी टैक्स) अधिकारियों ने 29 सितंबर को ऑटो कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मारुति सुजुकी को जीएसटी प्राधिकरण से 193.3 करोड़ रुपये के लंबित टैक्स की मांग करते हुए कारण बताओ नोटिस मिला था। इसके ठीक बाद, इसे 2,159.7 करोड़ रुपये का आयकर ड्राफ्ट मूल्यांकन आदेश मिला। एक नियामक फाइलिंग में, कार निर्माता ने कहा कि उसे वित्तीय वर्ष 2019-2020 के लिए आयकर प्राधिकरण से 3 अक्तूबर को एक मसौदा मूल्यांकन आदेश मिला। हालांकि, ऑटोमोबाइल कंपनी ने दावा किया कि इस मसौदा मूल्यांकन आदेश के कारण उसकी वित्तीय, संचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।