लंबे समय तक धूप में खड़े रहने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को राहत पहुंचाने की कोशिश में, आईआईएम वडोदरा के छात्रों द्वारा विकसित एसी हेलमेट का ट्रैफिक पुलिस विभागों द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। वडोदरा ट्रैफिक पुलिस के बाद, अब लखनऊ ट्रैफिक पुलिस भी इन हेलमेटों का इस्तेमाल कर रही है। देश के ज्यादातर हिस्सों में जहां बाहरी तापमान 40-45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। वहां ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ठंडक पहुंचाने में ये एसी हेलमेट मददगार साबित हो सकते हैं।
लखनऊ ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल एसी हेलमेट का ट्रायल बेसिस पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ये हेलमेट दिए गए थे। आने वाले दिनों में उनके कर्मियों को और ऐसे हेलमेट मुहैया कराए जाएंगे।
यह हेलमेट तेज धूप से राहत दिलाने में मदद करता है। ये एसी हेलमेट बैटरी से चलते हैं और बिना रिचार्ज हुए आठ घंटे तक काम कर सकते हैं। हेलमेट बैटरी से जुड़े होते हैं और यह बैटरी पुलिसकर्मियों की कमर में बंधी होती है। हेलमेट का वजन लगभग 500 ग्राम होता है, जो कि एक सामान्य हेलमेट के वजन के बराबर होता है। इन एसी हेलमेट में वेंट लगा होता है जो एयर फ्लो में मदद करता है। इसमें एक वाइजर भी है जो आंखों के लिए सनशेड का काम करता है।
इससे पहले वडोदरा और कानपुर में भी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने इन एसी हेलमेटों का ट्रायल किया है। लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) अजय कुमार के अनुसार, अगर ये हेलमेट सफल साबित होते हैं तो इन्हें पूरे राज्य में ट्रैफिक अधिकारियों को दिया जाएगा। कुमार ने बताया, "यह हेलमेट कमर पर ले जाने वाली बैटरी से संचालित होता है और इसे लगभग हर आठ घंटे में रिचार्ज करने की जरूरत होती है।"
ट्रायल रन पर प्रतिक्रिया देते हुए, लखनऊ में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों जिन्होंने एसी हेलमेट का इस्तेमाल किया है, उनका कहना है कि वे धूप में बेहतर काम कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एसी हेलमेट पहनने में आरामदायक होते हैं।