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Car Care Tips: जानें किन पांच कारणों से कार में होता है वाइब्रेशन, रखें ध्यान नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

Tue, 15 Nov 2022 04:01 PM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कार चलाने के दौरान अगर कार में वाइब्रेशन हो तो इसके कई कारण हो सकते हैं। ऐसे ही पांच कारणों की जानकारी हम इस खबर में दे रहे हैं।

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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया

कार चलाते समय वैसे तो सभी लोग कार का ध्यान रखते हैं। फिर भी किसी कारण से कार चलाते समय अगर वाइब्रेशन हो तो यह समस्या गंभीर भी हो सकती है। ध्यान ना देने पर हजारों रुपये का नुकसान भी हो सकता है। कार में ज्यादा वाइब्रेशन होने के पांच कारणों की जानकारी हम इस खबर में दे रहे हैं।

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कार के टायर में परेशानी

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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
कार में ज्यादा वाइब्रेशन होने का एक कारण टायर में परेशानी होती है। वैसे तो कार में एक साइज टायर का उपयोग किया जाता है। लेकिन कई बार स्टेपनी वाले टायर का साइज बाकी टायरों के मुकाबले छोटा होता है। स्टेपनी वाले टायर का उपयोग सिर्फ कुछ किलोमीटर करने के लिए होता है, पर इसका उपयोग लंबे समय तक किया जाए तो साइज में फर्क होने के कारण कार वाइब्रेट करने लगती है। इसके अलावा अगर कार का अलायमेंट आउट हो तो भी ज्यादा वाइब्रेशन होता है।

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टायर रिम्स में खराबी

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टायर के साथ ही रिम का भी वाइब्रेशन की परेशानी में अहम किरदार होता है। अगर कार के रिम खराब हो जाएं तो भी कार में वाइब्रेशन की समस्या हो जाती है। लगातार खराब सड़कों पर चलाने और गढ्डे वाली सड़कों पर कार चलाने के कारण रिम कई जगह से बैंड हो जाते हैं। जिसके बाद कार चलने में वाइब्रेशन होता है।

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ब्रेक में परेशानी भी है जिम्मेदार

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कार के टायर और रिम के साथ ही अगर ब्रेक में किसी तरह की समस्या है तो भी कार वाइब्रेशन बढ़ जाता है। अगर कार में सिर्फ ब्रेक लगाते समय ही वाइब्रेशन हो रहा है तो अच्छे मेकैनिक से ब्रेक जरूर चेक करवाने चाहिए। ज्यादा ब्रेक का उपयोग करने पर रोटर घिसने लगते हैं। डिस्क ब्रेक होने के कारण रोटर एक ही जगह पर बार-बार रगड़ते हैं जिससे रोटर सिर्फ एक जगह पर ज्यादा गर्म हो जाते हैं और फिर इनके आकार में बदलाव हो जाता है। ऐसा होने के बाद जब भी कार को चलाने पर ब्रेक लगाए जाते हैं तो कार वाइब्रेट करती है।

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एक्सल में हो सकती है परेशानी

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अगर कार के टायर, रिम और ब्रेक सही हैं तो इस बात की संभावना हो सकती है कि एक्सल में परेशानी हो। खराब एक्सल के कारण भी कार में वाइब्रेशन हो सकता है। एक्सल का काम दो पहियों को एकसाथ जोड़े रखना होता है। लंबे समय तक खराब सड़कों पर कार चलाने और स्टेयरिंग को जरूरत से ज्यादा मोड़ने के कारण एक्सल खराब होने लगता है। एक बार यह खराब हो जाए तो वाइब्रेशन की समस्या हो जाती है।

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इंजन और माउंटिंग भी करती हैं वाइब्रेशन

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अगर कार में ऊपर बताई गई सभी चीजें सही है तो एक बार इंजन और इंजन की माउंटिंग को चेक करना जरूरी हो जाता है। इंजन स्टार्ट होने के बाद हल्का वाइब्रेशन को सामान्य है लेकिन अगर इंजन ज्यादा वाइब्रेट करे तो परेशानी हो सकती है। अगर इंजन से वाइब्रेशन हो रहा है तो स्पार्क प्लग और एयर फिल्टर को चेक करना चाहिए क्योंकि जब कार में सही मात्रा में हवा और ईंधन नहीं जा पाता तो वाइब्रेशन हो सकता है। इसके अलावा माउंटिंग खराब हो गई हो तो भी कार वाइब्रेट करती है। माउंटिंग ही इंजन का भार सहन करती हैं ऐसे में अगर यह खराब हो जाएं तो भी कार वाइब्रेट करती है।

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