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Driving Licence: इस राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट हुआ सख्त, ड्राइविंग स्कूल कर रहे विरोध, जानें वजह

Thu, 02 May 2024 06:46 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Driving Licence - फोटो : Freepik
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केरल सरकार द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट को ड्राइविंग स्कूल यूनियन द्वारा चुनौती दी जा रही है। वे टेस्ट को पूरी तरह से बदलने, इसे ज्यादा कठोर और लाइसेंस हासिल करने के लिए उम्मीदवारों के लिए चुनौतीपूर्ण बनाने के कदम का विरोध कर रहे हैं। 
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यूनिटन ने राज्यव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है, और पूरे केरल में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट को स्थगित कर दिया है। वे मोटर वाहन विभाग के सर्कुलर को वापस लेने की मांग कर रहे हैं जिससे नए सुधारों को लाया गया।

केरल मोटर वाहन विभाग को 2 मई को नए सुधारों को लागू करना है।

यूनियन के नेताओं का दावा है कि वे नए सुधारों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए और ज्यादा समय चाहिए। यूनियन मुख्य रूप से सीखने और परीक्षण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों पर डैशबोर्ड कैमरा लगाने के निर्देशों और सीखाने और टेस्ट के लिए 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर प्रतिबंध का विरोध कर रहे हैं।

ऑल केरल ड्राइविंग स्कूल ओनर्स एसोसिएशन के सदस्य और एक ड्राइविंग स्कूल के मालिक उन्नी ने पीटीआई को बताया, "हम नए सुधारों के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम कार्यान्वयन के लिए और ज्यादा समय की मांग करते हैं। हमें कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है कि नए टेस्ट कैसे आयोजित किए जाएं, और नए टेस्ट के आयोजन के लिए कोई बुनियादी ढांचा तैयार नहीं किया गया है।"

उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य के सभी 84 टेस्ट सेंटर में समान सुविधाएं रखने की मांग की। और इन सभी सेंटर में आयोजित टेस्ट समान होने चाहिए।

उन्नी ने पूछा, "हम इन सुधारों को लागू करने में सरकार की जल्दबाजी का विरोध कर रहे हैं। केरल के माननीय उच्च न्यायालय में पहले से ही एक मामला लंबित है, और सरकार फैसले तक इंतजार क्यों नहीं कर सकती?"

एसोसिएशन ने हाईकोर्ट का रुख किया है ताकि एमवीडी के सर्कुलर को चुनौती दी जा सके। जिसने डैशबोर्ड कैमरों को अनिवार्य कर दिया है और 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों के टेस्ट के लिए इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।

एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि वे इस हड़ताल को तब तक जारी रखेंगे जब तक यह सर्कुल वापस नहीं ले लिया जाता। 

मोटर वाहन निरीक्षक, जो तिरुवनंतपुरम में मुट्टथारा परीक्षण मैदान में टेस्ट आयोजित करने के लिए मौजूद थे। उन्होंने कहा कि छह आवेदकों ने गुरुवार को परीक्षण के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन वे परीक्षण नहीं कर सके।

एमवीआई के वेणु ने पीटीआई को बताया, "उन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा रोका गया था, और हम आज टेस्ट नहीं कर सके। हमने उन सभी छह लोगों को आमंत्रित किया था जिन्होंने आज टेस्ट के लिए पंजीकरण कराया था। लेकिन आवेदक टेस्टिंग के लिए मैदान में घुस नहीं कर सके।"

नए शिक्षार्थी पूरे मन से नए स्वरूपों का स्वागत करते हैं और इसे ड्राइविंग कौशल और सड़क व्यवहार को सुधारने के लिए एक अच्छा कदम मानते हैं।

ड्राइविंग स्कूल की छात्रा नसरीन ने कहा, "मैं इसे अच्छा मानती हूं, और यह सीखने वालों और लाइसेंस हासिल करने वालों के लिए बेहतर है। सुधार अच्छे हैं।"

केरल मोटर वाहन विभाग ने 4 अप्रैल 2024 को ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की शर्तों में संशोधन करते हुए एक सर्कुलर जारी किया।

सर्कुलर के अनुसार, आवेदक को लाइसेंस हासिल करने के लिए कई रियल लाइफ ड्राइविंग चुनौतियों से गुजरना होगा और पास होना होगा।

सर्कुलर के अनुसार, लाइसेंस परीक्षा आयोजित करने के लिए अब व्यस्त यातायात वाली सड़क पर रोड टेस्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही जमीन पर 'एच' टेस्ट लेने से पहले एंगुलर पार्किंग, पैरलल पार्किंग, जिग-जैग ड्राइविंग और ग्रेडिएंट टेस्टिंग पर भी परीक्षाएं देनी होंगी। एक दिन में सिर्फ 30 ड्राइविंग टेस्ट आयोजित किए जा सकते हैं। जिनमें से 20 नए आवेदक होंगे और 10 पिछले बैच में फेल हुए आवेदक होंगे।

सर्कुलर के अनुसार, दोपहिया वाहन ड्राइविंग लाइसेंस के लिए, सिर्फ 95 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली गियर वाली मोटरसाइकिलों की ही इजाजत होगी। चार पहिया वाहन चालन परीक्षा के लिए इलेक्ट्रिक कारों या ऑटोमैटिक कारों की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इसने टेस्ट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हल्के मोटर वाहन पर एक डैशबोर्ड कैमरा और वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस लगाना भी अनिवार्य कर दिया है। और इन्हें ड्राइविंग स्कूल के मालिक द्वारा लगाया जाना चाहिए।
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ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर को कैमरे का इस्तेमाल करके परीक्षा रिकॉर्ड करनी चाहिए। और मेमोरी कार्ड को मोटर वाहन निरीक्षक के पास ले जाना चाहिए।

इस डेटा को तब एमवी़डी प्रणाली में ट्रांसफर कर दिया जाएगा, और मालिक को अगले तीन महीनों के लिए मेमोरी कार्ड को सुरक्षित रखना होगा।

सर्कुलर में यह भी अनिवार्य कर दिया गया है कि ड्राइविंग टेस्ट के लिए 15 साल से ज्यादा पुरानी किसी भी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
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