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Car Care Tips: किसी कार के सस्ते वैरिएंट को खरीदने में है समझदारी, या होता है नुकसान, जानें सबकुछ

Fri, 24 Nov 2023 10:35 AM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दुनियाभर में कार कंपनियों की ओर से किसी भी कार को एक से ज्यादा वैरिएंट के साथ ऑफर किया जाता है। ऐसे में सबसे कम कीमत वाले वैरिएंट को खरीदने में फायदा है या नहीं। आइए जानते हैं।

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Mahindra Scorpio SUV - फोटो : Twitter
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विस्तार
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भारत सहित दुनियाभर में सभी कंपनियों की ओर से कई बेहतरीन कारों को ऑफर किया जाता है। कंपनियां इन कारों के एक से ज्यादा वैरिएंट बाजार में उतारती हैं। ऐसे में सबसे कम कीमत वाले वैरिएंट को खरीदने में समझदारी होती है या नहीं। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।

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क्यों होती है कीमत कम
कंपनियों की ओर से अपनी कारों को कई वैरिएंट में बाजार में लाया जाता है। ऐसा कंपनियों की ओर से इसलिए किया जाता है, जिससे कम कीमत वाले वैरिएंट के विकल्प को भी बाजार में उपलब्ध करवाया जा सके।

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क्या है बेस वैरिएंट
दुनियाभर में सभी कार कंपनियां अपनी कारों के कई मॉडल बाजार में उतारती हैं। इनमें कई वैरिएंट ऑफर किए जाते हैं। इन वैरिएंट्स में कुछ फीचर्स नहीं दिए जाते हैं इसलिए इनकी कीमत बाकी वैरिएंट्स के मुकाबले कम होती है।

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फीचर्स में होता है अंतर
जब कोई भी कार निर्माता अपनी कार का बेस वैरिएंट बाजार में उतारती है तो उसमें कई फीचर हटा दिए जाते हैं जिनसे कंपनी को कार की कीमत कम रखने में मदद मिलती है। ऐसी कारों में एलईडी लाइट की जगह परंपरागत हैलोजन लाइट दी जाती हैं। इलेक्ट्रिक एडजेस्टेबल ओआरवीएम की जगह मैनुअल ऑप्शन दिया जाता है। अलॉय व्हील की जगह स्टील रिम दिए जाते हैं। पुश स्टार्ट बटन की जगह कार स्टार्ट करने के लिए चाबी होती है। इनके अलावा म्यूजिक सिस्टम, फ्रंट बंपर ग्रिल की फिनिशिंग, फॉग लैप्स, रियर पार्किंग कैमरा, हाइट एडजेस्टेबल ड्राइवर सीट जैसे फीचर्स में भी समझौता किया जाता है।

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सुरक्षा में भी होता है अंतर
बेस वैरिएंट वाली कारों में सेफ्टी फीचर में भी फर्क होता है। जहां टॉप और मिड वैरिएंट में कंपनियां चार, छह या इससे ज्यादा एयरबैग देती हैं वहीं बेस वैरिएंट में सिर्फ दो एयरबैग ही दिए जाते हैं। इसके अलावा टायर प्रैशर मॉनिटरिंग सिस्टम, एडीएएस, एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, की लैस एंट्री, रियर वाइपर, डिफॉगर, डीआरएल जैसे फीचर्स भी ऑफर नहीं किए जाते।

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