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EV Service Cost: पेट्रोल-डीजल के मुकाबले महंगी ईवी खरीदना कितना फायदेमंद, सर्विस में कितना होता है खर्च?

Fri, 25 Nov 2022 04:21 PM IST
समीर गोयल ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पेट्रोल और डीजल ईंधन वाली कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक कार को खरीदना महंगा होता है। लेकिन क्या खरीदने के बाद ईवी सस्ती पड़ती हैं, आइए जानते हैं।

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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया

भारत में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। बड़ी संख्या में लोग ईवी खरीद रहे हैं और इसी को देखते हुए कंपनियां भी कई विकल्प पेश कर रही हैं। मौजूदा समय में पेट्रोल या डीजल की कार खरीदने के मुकाबले ईवी खरीदना महंगा पड़ता है। लेकिन फिर भी लोग ईवी की तरफ आकर्षित इसलिए हो रहे हैं क्योंकि उन्हें खरीदने के बाद उनका रखरखाव काफी सस्ता पड़ता है।

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ईवी खरीदना क्यों है फायदे का सौदा

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इलेक्ट्रिक वाहन अन्य ईंधन के मुकाबले भले ही महंगे हों, लेकिन वह प्रदूषण नहीं फैलाते। इसी के साथ उनके रखरखाव में भी खर्चा काफी कम होता है। इन मुख्य कारणों को देखते हुए देश में हजारों इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदा जा रहा है।

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कहां बचते हैं पैसे

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पेट्रोल और डीजल जैसी कारों को चलाने में इंजन मुख्य भूमिका निभाता है। इंजन को सही रखने में भी काफी खर्च हो जाता है। लेकिन ईवी में तो इंजन होता ही नहीं है इसलिए महंगे पार्ट्स के रखरखाव में होने वाला खर्च सीधा बचता है। आईसीई के रखरखाव में एयर फिल्टर, ऑयल फिल्टर, इंजन ऑयल, स्पार्क प्लग, रेडिएटर, कूलेंट को समय-समय पर बदलवाना होता है। ऐसे में खर्चा ज्यादा होता है, लेकिन इलेक्ट्रिक कार को सिर्फ एक मोटर चलाती है ऐसे में इस तरह के रखरखाव की जरूरत ईवी में नहीं होती।

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लंबे समय तक चलता है सस्पेंशन

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पेट्रोल-डीजल की कारों में इंजन के साथ ही कई ऐसे पार्ट्स होते हैं जो काफी भारी होते हैं। ऐसे में कार में लगे सस्पेंशन को यात्रियों के साथ ही इनका वजन भी सहने लायक बनाया जाता है। लेकिन इलेक्ट्रिक कार में इंजन की जगह सिर्फ मोटर होती है। इसलिए इनका वजन सामान्य कारों के मुकाबले कम होता है। वजन कम होने का फायदा सस्पेंशन को मिलता है और इनकी लाइफ सामान्य कार के मुकाबले बढ़ जाती है।

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नहीं होती वाइब्रेशन और आवाज

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इलेक्ट्रिक कार में सामान्य कारों के मुकाबले वाइब्रेशन और आवाज नहीं होती। सामान्य कारों में इंजन के कारण वाइब्रेशन भी होती है और इंजन की आवाज केबिन में भी आती है। लेकिन ईवी में इंजन ना होने से ये समस्याएं नहीं होती।

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ज्यादा होती है बॉडी और टायर की लाइफ

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पेट्रोल और डीजल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों में कम भार होता है इसलिए इनकी बॉडी और टायर की लाइफ ज्यादा होती है। साथ ही ईवी में सामान रखने की जगह भी सामान्य कारों के मुकाबले ज्यादा होती है।

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यहां होता है खर्च

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पेट्रोल कार में एक निश्चित समय पर कई पार्ट्स की सर्विस जरूरी होती है और कई बार इन्हें बदलना भी पड़ता है। लेकिन इलेक्ट्रिक कार में सबसे महंगे पार्ट्स इसकी मोटर और बैटरी होती है। ईवी में भले ही इंजन ऑयल, कूलेंट, स्पार्क प्लग, रेडिएटर, ऑयल फिल्टर आदि चीजें बदलने में खर्चा ना हो लेकिन इनमें गियर ऑयल, चार्जर, ब्रेक पैड, लाइट्स, वाइपर, एसी जैसे पार्ट्स की सर्विस के समय चार्ज लगता है।

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