100 सीटों वाला यह क्रूज जहाज खास तौर पर पर्यटकों के लिए बनाया गया है। जिसमें ऊपरी डेक पर "खुली हुई जगह" है, जहां पर्यटक मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। साथ ही इसमें फूड काउंटर और जहाज पर मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
ट्रैफिक एसपी एम सुजीत ने कहा, "डेली कलेक्शन 18,000 रुपये के आंकड़े को छू गया है, जहाज वीकेंड और छुट्टियों में पूरी क्षमता से चल रहा है। गर्मियों की छुट्टियों की शुरुआत के साथ, हमें एडवांस ग्रुप बुकिंग मिल रही है।"
Solar Electric Boat Indra
- फोटो : Navaltboats
3.5 करोड़ रुपये की लागत वाली यह नाव 31 मार्च को लॉन्च की गई थी। यह रोजाना दो क्रूज ट्रिप चलती है, जिनमें से प्रत्येक तीन घंटे का होता है। अधिकारी ने कहा, "शाम, सूर्यास्त की यात्रा के लिए भारी मांग है क्योंकि यह जहाज समुद्र के मुहाने तक जाने वाली कुछ पर्यटक सेवाओं में से एक है। चूंकि यह सौर ऊर्जा पर चलती है, इसलिए परिचालन लागत बहुत कम होगी। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें कार्बन या ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा।"
एर्नाकुलम बोट जेट्टी से शुरू होकर, यह जहाज विलिंग्डन द्वीप के रास्ते बोलगट्टी पैलेस, वल्लारपदम, कंटेनर टर्मिनल, व्यापीन, कमलाकदावु और फोर्ट कोच्चि तक जाता है। टिकट की कीमत वयस्कों के लिए 300 रुपये और बच्चों के लिए 150 रुपये है।
SWTD ने जहाज पर भोजन काउंटर सुविधा प्रदान करने के लिए कुडुंबश्री के साथ करार किया है। जहां पर्यटकों को जलपान और नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है। SWTD के निदेशक शाजी वी नायर ने कहा, "वेगा, अलप्पुझा के बैकवाटर में तैनात एक अन्य पर्यटक क्रूज जहाज, पहला जहाज था जिसमें जहाज पर भोजन काउंटर था। जिसका दो साल में संग्रह 5 करोड़ रुपये को छू गया। इसकी सफलता ने हमें इंद्र में भी स्वादिष्ट व्यंजन पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है।"
शुरुआत में, सेवाओं को सुबह 10 बजे और दोपहर 3 बजे संचालित किया जाता था। हालांकि, मौजूदा अत्यधिक उमस की परिस्थितियों ने SWTD को शाम 4 बजे से शाम की यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। शाजी ने कहा, यह देखते हुए ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को सुविधा प्रदान करने के लिए सुबह की यात्रा को सुबह 11 बजे से पुनर्निर्धारित किया गया है।
अपनी हरित पहल को आगे बढ़ाने के लिए, SWTD इस साल हर महीने अपने बेड़े में कम से कम एक सोलर नाव शामिल करने की योजना बना रहा है।
शाजी ने कहा, "इन 14 IRS (भारतीय रजिस्ट्रार ऑफ शिपिंग) श्रेणी के जहाजों पर काम विभिन्न निजी यार्डों में चल रहा है। जिनमें यात्री क्षमता अलग-अलग है।"