भारत और कनाडा के बीच बीते कुछ दिनों से बढ़ते विवाद का असर अब कारोबार पर दिखने लगा है। कनाडा के नागरिकों के लिए वीजा देने पर भारत ने फिलहाल रोक लगा दी है। इस बीच Mahindra Group (महिंद्रा ग्रुप) ने भी कनाडा को बड़ा झटका दिया है। आनंद महिंद्रा की कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने कनाडा बेस्ड कंपनी Resson Aerospace Corporation (रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन) से अपनी साझेदारी खत्म करने का एलान किया है। रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 11.18 फीसदी हिस्सेदारी थी।
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक लड़ाई जारी है। महिंद्रा ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब भारत और कनाडा के बीच तनाव अपने चरम पर है। ऐसे में लोग महिंद्रा के फैसले को इससे जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसने ये निर्णय वोंल्ट्री बेसिस पर लिया है। कंपनी के बंद होने से कनाडा की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा।
एक रेग्यूलेटरी फाइलिंग में महिंद्रा एंड महिंद्रा ने स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि रेसन एयरोस्पेस कॉरपोरेशन, कनाडा कॉरपोरेशन कनाडा से सर्टिफिकेट ऑफ डिजोल्युशन 20 सितंबर 2023 को मिल गया है जिसकी कंपनी को जानकारी दी गई है। महिंद्रा ने बताया कि इसी के साथ रेसन का ऑपरेशन बंद हो गया है और इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के तहत 20 सितंबर 2023 से उसका कोई लेना देना नहीं है।
रेसन के लिक्वीडेशन पर कंपनी को 4.7 कनाडा डॉलर मिलेंगे जो कि भारतीय मुद्रा में करीब 28.7 करोड़ रुपये है। आपको बता दें कि रेसन एग्रीकल्चर से जुड़े टेक सॉल्यूशन बनाने वाली कंपनी है। महिंद्रा एंड महिंद्रा भी खेती से जुड़े प्रोडक्ट्स बनाती है। हालांकि महिंद्रा एंड महिंद्रा के इस फैसले का असर उनके शेयरों पर देखने को मिला है। इस खबर के आने के बीच स्टॉक एक्सचेंज पर महिंद्रा एंड महिंद्रा के स्टॉक में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। शेयर 3.11 फीसदी या 50.75 रुपये की गिरावट के साथ 1583 रुपये पर बंद हुआ।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के इस फैसले से कनाडा को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि कनाडा पेंशन फंड ने कई भारतीय कंपनियों में मोटा निवेश किया हुआ है। पब्लिक डिस्क्लोजर के मुताबिक कनाडा पेंशन प्लान इंवेस्टमेंट बोर्ड के छह भारतीयों कंपनियों में निवेश का वैल्यू 16000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। इन कंपनियों में जोमैटो, पेटीएम, इंडस टावर, नायका, कोटक महिंद्रा बैंक, डेल्हीवरी शामिल हैं।