कार के लिए इंश्योरेंस लेते वक्त आपको अपनी जरूरत पर ध्यान देना है। आमतौर पर देश में कार के लिए दो तरह का इंश्योरेंस उपलब्ध है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और कॉम्प्रेहेंसिव इंश्योरेंस। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस मोटर नियमों के तहत अनिवार्य है तो वहीं, कॉम्प्रेहेंसिव इंश्योरेंस थर्ड पार्टी और खुद को हुए नुकसान की भरपाई के लिए होता है। ऐसे में आपको इन दोनों में से अपनी जरूरत के हिसाब से किसी को चुनना होगा।
अपनी कार के लिए सही इंश्योरेंस लेते समय आपको अच्छे से सर्च करना है। साथ ही इंश्योरेंस की अलग-अलग पॉलिसी की तुलना कर सकते हैं। इससे आपको अच्छी-खासी मदद हो जाएगी। सर्च करने के बाद आपके सामने जो भी परिणाम आए, आप उनमें से किसी को सेलेक्ट कर सकते हैं।
कई इंश्योरेंस पॉलिसी में एडऑन्स की सुविधा मिलती है। इससे आपको अतिरिक्त कवरेज मिलता है। मगर इसके लिए अलग से प्रीमियम देना होता है। आपको बता दें कि एडऑन्स की सुविधा सिर्फ कॉम्प्रेहेंसिव इंश्योरेंस में ही मिलती है।
कार इंश्योरेंस लेने से पहले क्लेम सेटलमेंट रेशो जरूर चेक करें। इंश्योरेंस देने वाली कंपनी से इस बारे में सही से जानकारी हासिल करें। ऐसा करके दोनों के बीच भविष्य में कोई गलतफहमी नहीं रहेगी। साथ ही आपको पता चल जाएगा कि कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशो कितना है और कैसे काम करता है।
अंत में कोई भी कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले उसके नियम और शर्तों को अच्छे से पढ़ और समझ लें। इंश्योरेंस पॉलिसी एकदम साफ शब्दों में और अच्छे प्रिंट में होनी चाहिए। पॉलिसी में किसी तरह की शंका होने पर तुरंत कंपनी से बात करें।