आप अगर एक यूज्ड कार यानि सेकेंड हैंड कार खरीदने की तलाश में हैं तो आपको कई तरह के ऑप्शन मिलेंगे। यह भी संभावना है कि आपको एक यूज्ड कर्मिशियल व्हीकल (वाणिज्यिक वाहन) मिल सकता है जो आपके बजट में फिट बैठता है। क्योंकि आपको जिन चीजों की तलाश हो, वह सब उस वाहन में आपको मिल जाए। अक्सर, अच्छी कंडीशन और अच्छे माइलेज वाली कार मिलने के बावजूद, खरीदार कमर्शियल व्हीकल टैग के कारण ऐसे सौदों को छोड़ देते हैं। हालांकि, आप एक सरल प्रक्रिया के जरिए वाहन के स्टेटस में बदलाव कर सकते हैं।
यदि आप जरूरी स्टेप्स का पालन करते हैं और आवश्यक दस्तावेज देते हैं तो व्यावसायिक रूप से रजिस्टर्ड कार को निजी पंजीकरण में बदलवाना एक सीधी प्रक्रिया हो सकती है। यहां, हम एक वाणिज्यिक सेकेंड-हैंड कार को निजी वाहन के रूप में रजिस्टर करने के लिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस बता रहे हैं।
जरूरी दस्तावेज जमा करें
सबसे पहली बात, प्राइवेट परमिट के लिए आवेदन करने से पहले आपको कार के कमर्शियल स्टेटस को कैंसल कराना होगा। ग्राहक को जरूरी दस्तावेजों के साथ कार के स्टेटस में बदलाव करने के कारण का जिक्र करते हुए आरटीओ को एक आवेदन लिखना होगा। आवेदन के साथ ओरिजिनल आरसी की एक कॉपी, आरटीओ फॉर्म एसीसी (परमिट और निकासी प्रमाणपत्र के लिए सरेंडर के लिए आवेदन), बीमा, आईडी और पते का प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। इसके अलावा, यदि कार लोन पर खरीदी गई है, तो आपको बैंक से एनओसी हासिल करनी होगी और उसे भी जमा करना होगा।
प्राइवेट व्हीकल के रूप में री-रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करें
एक बार व्यावसायिक वाहन का परमिट रद्द हो जाने पर, आप निजी वाहन के रूप में री-रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको रोड टैक्स राशि का भुगतान करना होगा। और आईडी, एड्रेस प्रूफ और पैन कार्ड, एनओसी, परमिट कैंसिलेशन दस्तावेज, पंजीकरण के लिए फॉर्म 20 जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। आपके आवेदन की प्रोसेसिंग के बाद, आपको वाहन का नया पंजीकरण प्रमाणपत्र मिलेगा, जिसमें प्राइवेट रजिस्ट्रेशन स्टेटस दर्ज होगा। यह प्रक्रिया सरकार के वाहन पोर्टल पर भी पूरी की जा सकती है।
अपने रिकॉर्ड के लिए सभी जमा किए गए दस्तावेजों की कॉपी अपने पास जरूर रखें। इन स्टेप्स का पालन करके और जरूरी दस्तावेज जमा करके, आप आसानी से अपनी यूज्ड कमर्शियलकार को प्राइवेट रजिस्ट्रेशन में बदल सकते हैं।