देश और पूरी दुनिया में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कारों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि क्या इलेक्ट्रिक कारों का उपयोग करना सुरक्षित है। और इनको बनाने में किन खास बातों का ध्यान रखा जाता है। इसकी जानकारी भी इस खबर में दे रहे हैं।
बेहद सुरक्षित ईवी
इलेक्ट्रिक कारों को बेहद एडवांस तरीके से बनाया जाता है। इनमें आईपी रेटिंग दी जाती है जिससे इनकी सुरक्षा की जानकारी मिलती है। इनकी बैटरी में सुरक्षा की कई परत चढ़ाई जाती हैं जिसके बाद इनकी सुरक्षा और बढ़ जाती है।
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पानी से सुरक्षा
ईवी की बैटरी को चार्ज करने के समय इसमें करंट स्टोर किया जाता है। बैटरी में करंट होने के बाद भी अगर कार पानी में चले तो भी ये पूरी तरह सुरक्षित होती हैं। ईवी में आईपी रेटिंग दी जाती है और भारत में मिलने वाली ज्यादातर कारों में आईपी 67 रेटिंग होती है। आईपी 67 रेटिंग का उपयोग पनडुब्बियों में भी किया जाता है इसका मतलब है कि ऐसी रेटिंग वाली बैटरी बेहद सुरक्षित होती है। इन पर चढ़ी परतें पानी आने से पहले ही सक्रिय हो जाती हैं। वहीं मेन बैटरी पैक में कार के बाकी हिस्सों से खुद को इलेक्ट्रिकली अलग करने की क्षमता भी होती है।
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चार्ज करना भी हुआ सुरक्षित
इलेक्ट्रिक कारों को अन्य ईंधन वाली कारों की तरह ही हर मौसम में काम करने के लिए ही बनाया जाता है। इनको बनाने के बाद कड़ी टेस्टिंग की जाती है जिससे ये भरोसा हो जाए कि इनसे करंट का झटका ना लगे। कंपनियां इनकी बैटरी को ओवर चार्ज प्रोटेक्शन, शॉक प्रोटेक्शन, शॉर्ट प्रोटेक्शन, क्रैश टेस्ट जैसे कई टेस्ट करती हैं।
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