मौजूदा समय में कारों में सेफ्टी के नए-नए फीचर्स दिए जा रहे हैं। इन फीचर्स में से एक है लेन डिपार्चर वॉर्निंग सिस्टम। यह फीचर कैसे कार में काम करता है और इसके क्या फायदे होते हैं। आइए जानते हैं।
नए जमाने की कारों में सुरक्षा को लेकर कंपनियां कई फीचर्स देती है। इन फीचर्स के कारण वाहन चलाने के समय काफी सुविधा होती है और हादसों से सुरक्षा भी मिलती है। ऐसे ही एक फीचर लेन डिपार्चर वॉर्निंग सिस्टम की जानकारी हम इस खबर में दे रहे हैं। हम बता रहे हैं कि यह फीचर कार में किस तरह काम करता है और इसके क्या फायदे होते हैं।
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क्या है लेन डिपार्चर वॉर्निंग सिस्टम
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ADAS क्यों है जरुरी
- फोटो : सोशल मीडिया
मौजूदा समय में कई कारों में ADAS जैसे सेफ्टी फीचर को दिया जाता है। इस फीचर के साथ ही लेन डिपार्चर वॉर्निंग सिस्टम को भी दिया जाता है। इस सिस्टम के कारण सड़कों पर हादसों को रोकने में मदद मिलती है।
इस फीचर से लैस कारों को जब ऐसी सड़कों पर चलाया जाता है, जहां पर सड़क को बांटने के लिए सफेद या पीले रंग की लाइन होती हैं। तब यह सिस्टम अपना काम शुरू कर देता है। सड़क पर चलते हुए यह लाइनों को स्कैन करता है और जब भी कार किसी कारण से इन लाइनों के काफी करीब आ जाती है तो यह ड्राइवर को अलार्म के जरिए जानकारी देता है।
कार में लेन डिपार्चर वॉर्निंग सिस्टम होने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इससे सड़क हादसों को रोकने में मदद मिलती है। जब कार अपनी लेन छोड़कर दूसरी लेन में जा रही होती है तो यह ड्राइवर को अलर्ट कर देता है जिससे अन्य वाहनों से टक्कर का खतरा कम हो जाता है।
भारत में कई कारों में इस सेफ्टी फीचर को दिया जाता है। इन कारों में एमजी ग्लॉस्टर, एमजी एस्टर, महिंद्रा एक्सयूवी 700, होंडा सिटी, ह्यूंदै ट्यूशॉ जैसी कारें शामिल हैं।