फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hit and Run Law: ट्रक ड्राइवर नए हिट एंड रन नियम के खिलाफ, नए कानून से आप पर पड़ेगा क्या असर?

Wed, 03 Jan 2024 05:39 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत लागू किए गए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ देश भर के ट्रक चालक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि मंगलवार की शाम ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल वापस ले ली गई। आइए जानते हैं कि नया हिट एंड रन कानून क्या है।
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार द्वारा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत लागू किए गए नए हिट एंड रन कानून के खिलाफ देश भर के ट्रक चालक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि मंगलवार की शाम ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल वापस ले ली गई। यह कानून, जो भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह लेता है, ऐसे चालकों पर भारी जुर्माना और यहां तक कि जेल की सजा भी आकर्षित करेगा, जो दुर्घटनास्थल से भाग जाते हैं और घायल की मदद किए बिना पुलिस को सूचित नहीं करते हैं। नए प्रावधानों को 'कठोर' बताते हुए कई राज्यों में हजारों ट्रक चालक वीकेंड में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। 
विज्ञापन


हिट एंड रन मामलों को सड़क दुर्घटनाओं के रूप में जाना जाता है जहां एक चालक किसी वाहन या मनुष्य को टक्कर मारने के बाद भाग जाता है, बिना पीड़ित की मदद के रुकने और पुलिस को घटना की सूचना दिए। पहले, भारतीय दंड संहिता के तहत हिट एंड रन कानून के लिए सजा दो साल तक की जेल की सजा थी। अक्सर, आरोपी जमानत के साथ छूट जाता था। हालांकि, इस तरह के मामलों की संख्या को कम करने के लिए अब कानून सख्त होगा। आइए जानते हैं कि नया हिट एंड रन कानून क्या है।



हिट एंड रन कानून: नया क्या है?
पिछले साल केंद्र सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के तहत नया हिट एंड रन कानून पारित किया था। ऐसे सड़क दुर्घटना मामलों पर यह विशिष्ट नियम कहता है कि अगर चालक सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस को टक्कर की सूचना दिए बिना मौके से भाग जाता है, तो उसे 10 साल की जेल और 7 लाख रुपये का जुर्माना भुगतना होगा। नए नियम निजी वाहन मालिकों पर भी लागू होते हैं। विरोध कर रहे ट्रक चालकों का कहना है कि नए कानून के प्रावधान बहुत सख्त हैं और उन्हें नरम किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


हिट एंड रन कानून: यह सख्त क्यों है?
केंद्र सरकार के अनुसार, पूरे भारत में हर साल लगभग 50,000 लोग हिट एंड रन मामलों में अपनी जान गंवा देते हैं। ऐसे मामलों में, अक्सर पीड़ितों की मदद के अभाव में ही उनकी मृत्यु हो जाती है। राज्यों में पुलिस अधिकारी अच्छे नागरिकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं जो ऐसे मामलों की रिपोर्ट करते हैं, जिससे पीड़ितों की जान बचाने में मदद मिली है। पुलिस को सूचित करने से घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलती है। उम्मीद है कि नया कानून और इसके सख्त प्रावधान हिट एंड रन मामलों में शामिल लोगों के मन में डर पैदा कर उन्हें ऐसा करने से रोकेंगे। हालांकि, ऐसे मामलों में आरोपी को उस समय नरमी दिखाई जाएगी जब वे पीड़ितों को अस्पताल ले जाकर उनकी देखभाल करेंगे।

हिट एंड रन कानून: ट्रक वाले क्यों कर रहे हैं विरोध
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ट्रक ड्राइवर नए हिट एंड रन नियम का विरोध कर रहे हैं। ट्रक चालकों को बस, टैक्सी और ऑटो चालकों का भी समर्थन हासिल है। विरोध कर रहे ड्राइवरों का तर्क है कि अगर वे ऐसे हादसों के बाद रुकेंगे तो मौके पर मौजूद भीड़ उन पर हमला कर सकती है। अक्सर सड़क दुर्घटना होने पर मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो जाती है और ड्राइवर पर हमला कर देती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें